फोटो-6 गांव अमलैया आशानंद में जनसत्याग्रह आंदोलन के दौरान बोलते किसान नेता व बैठे किसा। संवाद
शमसाबाद। औद्योगिक गलियारा (इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में भेदभाव और कम मुआवजे के आरोपों को लेकर रविवार को गांव अमलैया आशानंद में किसानों ने जनसत्याग्रह एवं धरना-प्रदर्शन किया। कई गांवों से पहुंचे किसानों ने अपनी जमीनों का उचित मूल्य दिलाने की मांग उठाई।
धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि उनकी कृषि भूमि आजीविका का आधार है। यदि विकास कार्यों के लिए भूमि ली जाती है तो उचित मुआवजा दिया जाए। मुख्य अतिथि अजय अनमोल ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी सहमति एवं हितों की अनदेखी कर कोई भी विकास परियोजना सफल नहीं हो सकती। किसानों को उनकी भूमि का न्यायसंगत मूल्य मिलना चाहिए।
आंदोलन प्रभारी अशोक कटियार ने सरकार और प्रशासन से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। अंत में किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान प्रमोद गंगवार, अभिनेंद्र गंगवार, नरेश गंगवार, आलोक मिश्रा, लल्लू गंगवार, अनूप गंगवार आदि मौजूद रहे।