पुलिस लाइन की आरटीसी से दो माह से गैरहाजिर रिक्रूट का वेतन बनता रहा। चार दिन पहले रिक्रूट इस्तीफा देने आया तो विभाग में खलबली मच गई। उसका इस्तीफा मंजूर कर लिया गया। आरआई ने जांच रिपोर्ट तैयार कर एसपी के पास भेज दी।
इसमें आरटीसी के पीटीआई को दोषी बनाया गया है। वह ही रिक्रूटों का वेतन बिल तैयार कर उसका मिलान करवाते थे। एसपी ने पीटीआई को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
जनपद मुजफ्फरनगर थाना जानसठ के गांव भलेड़ी निवासी आकाश सिपाही की परीक्षा में पास होकर फतेहगढ़ स्थित पुलिस लाइन की आरटीसी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था। 4 अक्तूबर को आकाश बिना किसी सूचना के गैरहाजिर हो गया। उसका वेतन बनता रहा। पीटीआई सुनील कुमार वेतन बिल का मिलान भी करवाते रहे।
रिक्रूट वेतन निकालता रहा। किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। 16 दिसंबर को पासिंग आउट परेड हुई। उसमें दो रिक्रूट शामिल नहीं हुए थे। परेड में एडीजी के न आने से एसपी ने पासिंग आउट परेड में सलामी ली थी। तब भी रिक्रूटों की गिनती व वेतन बिल का मिलान हुआ था। उसकी रिपोर्ट भेजी गई थी।
इसके बावजूद किसी को गैरहाजिर आकाश का वेतन बनने की जानकारी नहीं हो पाई। 27 दिसंबर को आकाश ने एसपी को इस्तीफा सौंपा। उसकी पत्रावली मंगवाई गई तो पासिंग आउट परेड के बाद तक का उसका वेतन जारी होना पाया गया। एसपी डॉ. अनिल मिश्रा ने जांच के आदेश दिए और इस्तीफा मंजूर कर लिया।
आरआई किश्वर अली ने जांच की और पूरे प्रकरण में पीटीआई सुनील कुमार को दोषी बताकर एसपी को रिपोर्ट दे दी। एसपी ने पीटीआई सुनील कुमार को निलंबित कर दिया है। एसपी डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि पीटीआई सुनील कुमार को निलंबित कर विभागीय जांच सीओ लाइन को दी गई है।