पेयजल परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति के लिए बनवाई
गईं पानी की टंकियों से पेयजल आपूर्ति का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा
है। कहीं पाइप लाइन टूटी है तो कहीं पर टंकी चटक गई है। पानी का निर्धारित
रोस्टर भी लागू नहीं है। इससे ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए लोग हैंडपंप
के सहारे ही रहते हैं। इस परियोजना का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। इन
ओवरहेड टैंकों का निर्माण जल निगम ने करवाया है।
लैनगांव में पाइपलाइन जगह-जगह टूटी
गांव बलीपुर में करीब तीन साल पहले पानी की टंकी बनवाई गई थी। इससे
लैनगांव और बलीपुर में पानी की सप्लाई की जाती है। इससे करीब दोनों गांव
में आधा सैकड़ा कनेक्शन हैं। लैनगांव जाने वाली पाइपलाइन जगह-जगह टूटी पड़ी
है। इससे इस गांव में पानी की आपूर्ति ठप है। लैनगांव के सुरेंद्र सिंह
यादव, अखिलेंद्र यादव, अरविंद यादव, अतर सिंह,
पवन कुमार और प्रदीप कुमार
का कहना है कि पाइपलाइन टूटी होने से कई दिनों से पानी आपूर्ति नहीं मिल
रही है। गांव भोजपुर में वर्ष 2010-11 में पानी की टंकी बनवाई गई। इससे
भोजपुर और ढपलपुर में पानी की सप्लाई की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है
कि पानी आपूर्ति का कोई रोस्टर नहीं है।
शेराखार गौटिया में एक साल से टंकी बंद
गांव शेराखार गौटिया में करीब चार साल पहले पानी की टंकी बनाई गई थी। करीब
एक साल से टंकी बंद पड़ी है। मौजूदा समय में टंकी की मुख्य पाइप लाइन
जगह-जगह टूटी है। प्रधान अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि टंकी चालू होने पर
पूरे गांव में कीचड़ हो जाता है। प्रधान ने बताया कि उन्होंने जल निगम से
पाइप लाइन ठीक करवाने की मांग की लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। गांव खंडौली
में वर्ष 2008 में पानी की टंकी बनवाई गई थी। यह टंकी भी करीब एक माह
से
बंदी पड़ी है। इसे भरने के लिए लगाए गए ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर खराब होने
से समस्या हुई है। प्रधान सीता अवस्थी ने बताया कि ट्रांसफार्मर सही
करवाने के लिए बिजली विभाग को कई बार जानकारी दी जा चुकी है । अभी तक
ट्रांसफार्मर ठीक नहीं कराया गया है। प्रधान ने बताया कि गांव में 10
सार्वजनिक स्थानों पर टोटियां लगवाई गई हैं
लेकिन किसी ने अभी तक पानी का
कनेक्शन तक नहीं लिया है। राजेपुर की टंकी भी करीब तीन साल से बंद पड़ी है।
इसकी भी पाइप लाइनें टूटी हैं। प्रधान उपदेश गुप्ता ने बताया कि करीब एक
साल पहले होली के दिन टंकी चालू की गई थी। उसके बाद से बंद पड़ी है। इसके
अलावा गांव सीढ़ेपुर, तुर्कहटा, जैनापुर, कुबेरपुर और कमालुद्दीनपुर में
टंकियों का निर्माण करवाया जा रहा है।
पांच माह से फुंका पड़ा ट्यूबवेल
तहसील क्षेत्र के गांव कुम्हरौर में करीब सात साल पहले टंकी का निर्माण
कराया गया था। मौजूदा समय में यह टंकी बंद है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब
पांच माह से ट्यूबवेल का मोटर फुंकने के चलते टंकी बंद पड़ी है।
गनीपुर जोगपुर की टंकी चटकी
कस्बा स्थित पशु चिकित्सालय के पीछे जलनिगम की ओर से पेयजल परियोजना के
अंतर्गत वर्ष 2007-08 में टंकी बनवाई गई थी। वर्ष 2010 में ग्राम पंचायत
गनीपुर जोगपुर को टंकी हैंडओवर की गई। इसके बाद गांव गनीपुर जोगपुर,
सिरमौरा तथा बरतल में इस टंकी से पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी गई। मौजूदा समय
में गनीपुर जोगपुर में करीब 150,
बरतल में 100 और सिरमौरा में 20 कनेक्शन
हैं। यह टंकी चालू तो है लेकिन चटकी होने से पानी का रिसाव होता रहता है।
इसलिए टंकी को पूरा नहीं भरा जाता है। बिजली आने पर ही पेयजल आपूर्ति की
जाती है। रवीश यादव, कृपाल सिंह यादव, मुरारी गुप्ता, दिनेश कुमार, रामरईस
दिवाकर और संतोष तिवारी आदि ग्रामीणों का कहना है कि जिलाधिकारी से टंकी की
मरम्मत की मांग की जा चुकी है।
बिजली समस्या से होती दिक्कत
नगर पंचायत कंपिल में कटिया रोड पर दो टंकियां बनी हैं। इनसे सुबह 6 से 8
और शाम को 3 से 5 बजे तक पानी की सप्लाई की जाती है। मोहल्ला आजाद नगर के
राजकुमार, अमर सिंह, राजू सैनी निवासी मोहल्ला मांझगांव, मुन्नी देवी,
राजेश चौहान निवासी चौधरियान और सुषमा देवी निवासी मोहल्ला गंगाटोला का
कहना है कि सुबह-शाम पानी
मिलता है लेकिन दोपहर में नहीं मिलता है। बताया
कि उन लोगों ने कनेक्शन ले रखे हैं। नगर पंचायत विभाग के लिपिक मुस्तकीम
खां ने बताया कि बिजली की समस्या के चलते पेयजल आपूर्ति में दिक्कत आती है।
दोपहर में बिजली आने पर सप्लाई दी जाती है। कंपिल चौराहा, राजपूत मार्केट,
केएसआर इंटर कालेज के पास, नगर पंचायत कार्यालय के बाहर और रामेश्वरनाथ
मंदिर के पास पानी की टोटियां लगाई गई हैं। इनमें पानी की सप्लाई हो रही
है।
सिरौली में आधी बिछी पाइपलाइन
मोहम्मदाबाद की ग्राम पंचायत
सिरौली में वर्ष 2010 में पानी की टंकी बनवाई गई थी लेकिन पूरे गांव में
पाइपलाइन न बिछे होने से आधे गांव में ही सुबह, दोपहर व शाम को पानी की
सप्लाई की जा रही है। सर्वेश सिंह और बचान सिंह आदि का कहना है कि पाइप
लाइन पूरे गांव में नहीं बिछी होने से दिक्कत आ रही है। प्रधान शीतला देवी
से
पाइपलाइन डलवाने की मांग कई बार की जा चुकी है। प्रधान पति सर्वेश
राजपूत ने बताया कि जलनिगम के कर्मचारियों से लाइन डलवाने की मांग की गई
है। ग्राम पंचायत मदनपुर में वर्ष 2013-14 में पानी की टंकी बनवाई गई थी।
गांव में पाइपलाइन बिछाए जाने के चलते टंकी बंद पड़ी है। अनिल कुमार सिंह,
मास्टर ब्रजराज सिंह और राधेश्याम दुबे आदि का कहना है कि करीब एक साल से
पाइपलाइन बिछाई जा रही है लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुई है। इसके अलावा
मजरा संतोषपुर में भी एक टंकी का निर्माण कार्य चल रहा है। ग्राम पंचायत
पिपरगांव में वर्ष 2011-12 में टंकी बनवाई गई थी। यह चालू है। अवधेश कुमार,
अनिल कुमार सिंह और धीरेंद्र सिंह आदि ने बताया कि सुबह और शाम को पानी की
सप्लाई की जा रही है। लेकिन पानी गंदा आ रहा है।