पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौटिया में बगैर स्वेटर पहने बैठे बच्चे। संवाद न्यूज एजेंसी
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अमृतपुर। शासन के आदेश के बाद भी उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को स्वेटर नहीं मिल पाए हैं। कड़ाके की ठंड में बच्चे ठिठुर रहे हैं। सोमवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय गौटिया में भी कई बच्चे बिना स्वेटर के नजर आए।
शासन के आदेश पर शिक्षा विभाग को प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 31 अक्तूबर तक निशुल्क स्वेटर वितरण करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन शिक्षा विभाग की लापरवाही से दिसंबर समाप्त होने को है अभी तक उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को स्वेटर नहीं मिल पाए हैं। बिना स्वेटर के ही बच्चे स्कूल में जाने को मजबूर हैं। कड़ाके की ठंड पड़ने के बाद भी ब्लाक राजेपुर क्षेत्र के 102 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को निशुल्क मिलने वाले स्वेटर नहीं मिले। स्कूलों में बच्चों को स्वेटर वितरण कराए जाने के लिए कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। अभिभावकों का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को स्वेटर मिल गए हैं। जूनियर हाई स्कूलों के बच्चों को स्वेटर नहीं मिले हैं। जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक कहते हैं कि यदि उनके द्वारा स्वेटर वितरण न कराए जाते तो उन पर कार्रवाई हो जाती। सर्दी पड़ने के बाद भी फर्म स्वेटर नहीं दे पाई। उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र जौहर ने बताया कि सभी बच्चों को जल्द ही स्वेटर वितरित करा दिए जाएंगे।
कांपते पहुंचे बच्चे, शिक्षकों ने जलवाए अलाव
अमृतपुर। शीतकालीन छुट्टी के बाद खुले स्कूल तो बच्चे ठंड से कांपते हुए स्कूल पहुंचे। बच्चों के लिए शिक्षकों ने अलाव जलवाए। बच्चों ने हाथ सेंके तब कहीं सर्दी से कुछ राहत मिली।
शीत लहर के चलते जिला प्रशासन ने 21 दिसंबर तक सभी स्कूल एवं कालेज बंद कर दिए थे। लेकिन सोमवार को स्कूल खुल गए। गांधी गांव के बच्चे सर्दी में पढ़ने के लिए प्राथमिक स्कूल में पहुंचे। बच्चे ठंड से कांप रहे रहे थे। बच्चों को ठंड से कांपते देख कर वहां शिक्षकों ने अलाव जलवाए। बच्चों को सर्दी से बचाने के बाद एमडीएम खिला कर कई स्कूलों के शिक्षकों ने बच्चों को घर भेज दिया। संवाद