फर्रुखाबाद। जिले के परिषदीय विद्यालयों में बनने वाले एमडीएम की वास्तविकता जांचने को मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण के उप निदेशक एमपी सिंह कुशवाह ने शुक्रवार को विद्यालयों का निरीक्षण कर हकीकत जानी। निरीक्षण में चार विद्यालय बंद मिले, जबकि कई शिक्षक नदारद थे। उन्होंने बंद स्कूलों के चार प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने का निर्देश दिया। निरीक्षण की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
एमडीएम प्राधिकरण के उप निदेशक एमपी सिंह कुशवाह सुबह 9 बजे डीसी एमडीएम प्रदीप अग्निहोत्री व बढ़पुर एबीआरसी प्रदीप यादव के साथ कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय बढ़पुर पहुंचे। यहां पर विद्यालय बंद था।
इसी परिसर में चल रहा प्राथमिक विद्यालय बढ़पुर भी बंद था। डिप्टी डायरेक्टर ने कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय बढ़पुर का निरीक्षण किया। यहां प्रधानाध्यापक मंजू कटियार अनुपस्थित थीं। प्राथमिक विद्यालय नेकपुर के निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापिका रुचि बाजपेयी अनुपस्थित थीं।
एमडीएम रजिस्टर में जून माह की एंट्री नहीं पाई गई। डिप्टी डायरेक्टर ने विद्यालय में मौजूद सहायक अध्यापिका दया तिवारी से रसोईयों व बच्चों की उपस्थिति की जानकारी की। इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर प्राथमिक विद्यालय नगला प्रीतम पहुंचे।
यहां विद्यालय बंद था। फतेहगढ़ स्थित नरेंद्र सरीन मांटेंसरी स्कूल में सहायक अध्यापिका सरिता शुल्का अनुपस्थित थीं। वहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय रंगसाजान में सहायक अध्यापिका सुशीला देवी व सुनीता देवी अनुपस्थित थीं।
कन्या पूर्व माध्यमिक बुढ़नामऊ के निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापिका शिल्पी व नेहा अनुपस्थित थीं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बुढ़नामऊ में प्रधानाध्यापिका मोना सिंह मौजूद मिलीं। बीएसए कार्यालय के प्रांगण में बना प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइन बंद था।
यहां पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय रंगसाजान की सहायक अध्यापिका सोमकिरन को तैनात किया गया था। प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय निनौआ में निरीक्षण के दौरान अध्यापिकाएं मौजूद मिलीं। डिप्टी डायरेक्टर एमपी सिंह ने बताया कि किसी भी विद्यालय में एमडीएम बनता नहीं पाया गया।
उन्होंने निरीक्षण के दौरान बंद स्कूल के प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने का निर्देश दिया। बीएसए संदीप चौधरी ने बताया कि बंद विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर वेतन रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।