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Farrukhabad News: फतेहगढ़ सीएचसी में प्रसव सुविधा की तैयारी तेज

Tue, 04 Feb 2025 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फतेहगढ सीएचसी का निरीक्षण करते सीएमओ डॉ अवनींद्र कुमार। - फोटो : फतेहगढ सीएचसी का निरीक्षण करते सीएमओ डॉ अवनींद्र कुमार।
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फर्रुखाबाद। ओपीडी सेवा तक सीमित फतेहगढ़ सीएचसी में प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तैयारी तेज हो गई है। मंगलवार को सीएमओ ने निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने दो स्टाफ नर्स व महिला डॉक्टर की तैनाती करने के निर्देश दिए।
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कोरोना महामारी के दौरान शहीद लेफ्टीनेंट कमांडर कौशलेंद्र सिंह राठौर चिकित्सालय (फतेहगढ़ सीएचसी) को एल-2 अस्पताल बनाकर यहां 100 मरीज तक भर्ती होते रहे। वार्डाें में अभी भी 75 बेड पड़े हैं। इसके अलावा 20 बेड का एक नया वार्ड अलग बना है। अधीक्षक सहित चार डॉक्टर तैनात होने के बावजूद अस्पताल में चार घंटे की ओपीडी तक ही स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही है।
अमर उजाला ने 29 दिसंबर के अंक में, चार घंटे की ओपीडी तक सीमित फतेहगढ़ सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाएं, शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसका डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी ने संज्ञान लिया। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्टाफ की जानकारी ली। यहां तैनात दो स्टाफ नर्सों से प्रसव शुरू कराने की बात कही। इस पर 24 घंटे शिफ्ट वार ड्यूटी के लिए दो स्टाफ नर्सों की और मांग की है। सीएमओ ने प्रसव कक्ष देखा। उन्होंने दो स्टाफ नर्स व महिला डॉक्टर तैनात करने की बात कही।
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सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि शासन से अस्पताल को अभी तक पूरी तरह सीएचसी का दर्जा नहीं मिला है। इसके लिए निदेशालय पत्र भेजा। अस्पताल में इसी सप्ताह प्रसव सेवा शुरू कराई जाएगी।
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दूसरे जिले की एएनएम छात्राओं के प्रतिदिन आने-जाने पर रोक
फर्रुखाबाद। सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने एएनएम ट्रेनिंग सेंटर का निरीक्षण किया है। इस दौरान कक्षा के बाहर बैठी छात्रा से सीएमओ ने पूछताछ की तो बताया कि वह कानपुर से आकर प्रशिक्षण ले रही है। वार्डन ने बताया कि यह छात्रा महीने में 8-10 दिन ही आती है। सीएमओ ने छात्रा को समझाते हुए कहा कि यहां हास्टल में रुककर अच्छे से पढ़ाई करो। सुरक्षा व स्वास्थ्य को देखते हुए प्रतिदिन कानपुर आना-जाना ठीक नहीं है। उन्होंने दूसरे जनपद की छात्राओं को प्रतिदिन आने-जाने पर रोक लगाते हुए हॉस्टल में रुककर या किराए पर कमरा लेकर पढ़ाई करने के निर्देश दिए। संवाद
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