माघ माह के अंतिम स्नान के साथ ही कल्पवासियाें ने विदाई की तैयारी शुरू कर
दी है। स्नान के साथ ही सामान समेटा जाने लगा। मंगलवार को मेला में तगड़ी
भीड़ उमड़ी थी। पतित पावनी मां भागीरथी के तट पर लगे मेला रामनगरिया में
भगवत वंदन का क्रम भोर से ही शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने मां की आरती
उतारकर मनौती मांगी। पौ फटते ही साधु संतों के साथ ही कल्पवासियों की
टोलियां गंगा स्नान को निकल पड़ीं। मेले के रास्तों पर सैलाब उमड़ आया।
मेला निपटने से दुकानदारों ने अपनी चीजाें को औने पौने दामों पर बेंचा।
वहीं मेले के मनोरंजन क्षेत्र में भी झूला, सर्कस, मौत का कुंआ, जादू शो के
टिकटों के दामों में इजाफा कर दिया गया। शाम को कल्पवासियों के जाने का
सिलसिला शुरू हो गया है। मेला व्यवस्थापक ने बताया कि बुधवार को मेले का
समापन किया जाएगा। शाम को पुरस्कार वितरण के साथ ही संगीत संध्या का आयोजन
होगा। आचार्य प्रदीप नरायन शुक्ल ने 101 दीपाें से गंगा आरती की।
पुलिस की लाठी से फूटा सिर
गंगा
स्नान करने को परिवार समेत जा रहे युवक के वाहन न रोकने पर उसे
पुलिसकर्मियों के कोप का शिकार होना पड़ा। पुलिस की लाठी से युवक का सिर
फट गया। सिर से खून निकलता देख पुलिसकर्मी मौके से निकल लिए। मंगलवार को
बेवर निवासी नीरज सक्सेना पुत्र भूरेलाल निवासी खजरिया अपने परिजन
रामप्रकाश, देवेंद्र, सुमित, कुसुम देवी, नीलम, सोनी, आशा को लेकर टवेरा
कार से गंगा स्नान करने के लिए आ रहे थे। मसेनी चौराहे पर पुलिस कर्मियों
ने गाड़ी को रोकने का इशारा किया।
चालक ने ब्रेक लगाए तब तक गाड़ी बैरियर
पार कर चुकी थी। गुस्साए पुलिसकर्मी गाड़ी के पीछे दौड़ लिए। उन्होंने चालक
को गाड़ी से बाहर खींच लिया। गाड़ी में बैठे नीरज ने इसका विरोध किया तो
तू तू मैं मैं होने लगी। इससे जाम लगने लगा। इससे आपा खोए पुलिस के जवानों
ने जाम खुलवाने के लिए लाठी पटकना शुरू कर दिया। लाठी लगने से नीरज का सिर
फट गया। इससे परिजनों ने पुलिस का विरोध कर हंगामा करना शुरू किया। मौके पर
तैनात एसओ नवाबगंज और एसओ जहानगंज ने समझा बुझाकर मामले को निपटा दिया।
इसके बाद पीड़ित अपना वाहन लेकर गंगा स्नान करने को चले गए।
दिन भर चलते रहे भंडारे
माघी
पूर्णिमा पर इटावा बरेली हाईवे पर गंगा स्नान करने आने वालों की भीड़ पूरे
दिन चलती रही। इस दौरान श्रद्धालुओं ने लोगों को सब्जी पूड़ी बांटी। मसेनी
नगला स्थित लगे भंडारे में गंगा स्नानार्थ्यों की भीड़ प्रसाद पाने को लगी
रही। जितेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, संतोष चौहान, अमित प्रताप सिंह, नरेश
सिंह चौहान, राजीव, सिंह, द्रगपाल सिंह, रामवीर सिंह राठौर, विक्रम सिंह,
नकुल, आशुतोेष मिश्रा आदि ने व्यवस्था में सहयोग किया।
सत्य और अहिंसा के पुजारी थे बापू- डीएम
राष्ट्रपिता
महात्मा गांधी को पूरे विश्व ने सत्य और अहिंसा का पुजारी जानकर सम्मान
दिया है। यह बात जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने मेले के सांस्कृतिक पांडाल में
आयोजित गांधी विचार मंच की गोष्ठी में कही। मंगलवार दोपहर में आयोजित
गोष्ठी में डीएम ने कहा कि महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे।
उन्होंने कहा कि गांधी को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा, अफ्रीका के
राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला ने भी आदर्श माना है।
उन्होंने अंग्रेजाें के
विरुद्ध अहिंसात्मक आंदोलन कर देश को आजादी दिलाने में महती भूमिका अदा की।
देशवासी उन्हे प्यार से राष्ट्रपिता कहकर पुकारते हैं। सत्यनरायन मिश्र
मधुप ने कहा कि देश को आज भी एक गांधी की जरूरत है। पप्पन मियां ने गांधी
जी के चरित्र और कृतित्व पर प्रकाश डाला। पूर्व विधायक महरम सिंह ने अपने
अध्यक्षीय संबोधन में एक बनो नेक बनो, कथनी करनी एक रखो का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि गांधी जी की बताई गई राह पर चलने से ही उनको सच्ची
श्रद्धंाजलि होगी। देशराज सिंह राठौर, महेश पाल सिंह, रमला राठौर, धीरेंद्र
फौजी, गंगा महेश, सुजाता सिंह, कृष्णकांत अक्षर, विशुन लाल, अनिल सिंह,
संतोष प्रजापति आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। छात्रा स्मृति अगिभनहोत्री
ने कविता पाठ कर सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन सत्यपाल सिंह
सोमवशी प्रगल्भ ने किया।
काल व जन्म गणना पर चर्चा
रामनगरिया
के सांस्कृतिक पांडाल में हुए ज्योतिष सम्मेलन में ज्योतिषियों ने आम जीवन
में ज्योतिष की महत्ता पर प्रकाश डाला। काल गणना व जन्म के समय की गणना की
विस्तृत व्याख्या की गई। ज्योतिष सम्मेलन की शुरुआत वैदिक प्रार्थना
तथा विषय प्रवर्तन के साथ हुई। ज्योतिष विज्ञान के महत्व और उपयोगिता पर
बालते हुए ज्योतिषी विनीत मिश्रा ने ग्रहों के मानव जीवन पर पड़ने वाले
प्रभावों का विवेचन किया। उन्होंने इसके निराकरण के उपाय भी बताए।
आचार्य
सत्यदेव शुक्ल ने ज्योतिष विज्ञान को भारतीय ऋषियों की विश्व को महान देन
बताते हुए सिद्धांत और फलित ज्योतिष के निष्कर्षों पर प्रकाश डाला। संजीव
मिश्र ने कालसर्प योग, मंगली योग, विपरीत राजयोग का विवेचन किया। आचार्य
रामलड़ैते मिश्र ने ज्योतिष विज्ञान के इतिहास के विषय में विस्तृत जानकारी
दी। उन्होंने महान ज्योतिषियों के द्वारा किए गए चमत्कारों को बताया।
आचार्य हरिकांत पांडेय और ब्रज बिहारी मिश्र ने दैनिक उपयोगिता में
कर्मकांड एवं संस्काराें में ज्योतिष की उपयोगिता की व्याख्या की।
अध्यक्षता कर रहे आचार्य सत्यनरायन मिश्र ने कहा कि ज्योतिष की रोज
आवश्यकता पड़ती है, इसलिए सभी को इसका ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने ज्योतिष
में राजयोग का वर्णन किया। संचालन कर रहे कृष्णकांत अक्षर ने ज्योतिष को
पूर्ण विज्ञान सिद्ध करते हुए इस विधा की मानवीय उपयोगिता को स्पष्ट किया।
इस मौके पर मेला प्रबंधक संदीप दीक्षित, अमर सक्सेना, माधव दुबे, आदि मौजूद
रहे।
जगराते में झूमते रहे श्रद्धालु
संास्कृतिक
पंाडाल में हुए जगराते में सारी रात श्रद्धालु झूमते रहे। जगराते में सजी
झांकियों को देखकर भक्त मंत्रमुग्ध दिखे। सोमवार रात हुए मां के जगराते
में शेरा वाली की प्रतिमा को भव्यता से सजाया गया। माता वैष्णो देवी मंदिर
के संस्थापक डा. राकेश तिवारी ने मां की आरती उतारकर जगराते का शुभारंभ
कराया। गायक राजीव पालीवाल ने सबसं ऊंचा है, सांचा है तेरा दरबार, मां तुझे
ढूंढूं कहां, ओ मां तुझे सलाम, मां की शरन में आया उसका बेडा पार आदि भजन
गाकर
श्रद्धालुओं को ताली बजाने पर विवश कर दिया। राहुल ग्रुप मुरादाबाद के
कलाकारों ने भगवान गजानन, शंकर पार्वती, गंगा मइया, काली का अखाड़ा और
राधा कृष्ण की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की। जगराते में भक्त सारी रात भजनों
पर झूमते रहे। सुबह को माता की आरती के साथ जगराते का समापन हुआ। समापन के
बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर रत्ना तिवारी, राजेश शुक्ला, बीबी
सिंह, संजय, सोनू मिश्रा, शिवम, मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित आदि मौजूद
रहे।