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Farrukhabad News: जिंदगी की आस में अस्पताल आई गर्भवती, प्रसव के बाद दोनों की मौत

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कंपिल (फर्रुखाबाद)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही प्रसूता और उसके नवजात की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि दो बार सरकारी अस्पताल लेकर अस्पताल आए लेकिन किसी ने नहीं देखा।
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क्षेत्र के गांव बिलसड़ी निवासी सेवकराम की पत्नी अनीता (40 ) को बृहस्पतिवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई। परिजन सुबह नौ बजे उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अनीता के भतीजे सेवकराम ने बताया कि बृहस्पतिवार को अस्पताल में कोई देखने वाला नहीं था। लगभग छह घंटे अस्पताल में रहने के बाद घर ले आए थे। एएनएम दीदी ही सबका प्रसव करवाती हैं, मगर वह भी मौजूद नही मिली। घर लाने पर जब हालत बिगड़ी तो आशा बहू सरिता को फोन किया मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया। शुक्रवार सुबह घर पर ही प्रसव हो गया, कुछ देर में नवजात की मौत हो गई। अनीता की हालत बिगड़ने पर शुक्रवार को दोबारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे, इस बार एएनएम ने इलाज दिए बगैर ही दूसरी जगह ले जाने के लिए कहा। इलाज न मिलने पर वह दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे रास्ते में मौत हो गई।

सीएचसी प्रभारी डॉक्टर शोभित शाक्य ने बताया कि 18 तारीख को महिला ओपीडी में आई थी। अस्पताल में कोई महिला डॉक्टर नहीं है। सामान्य प्रसव एएनएम ही करवाती हैं। गर्भवर्ती महिला को डॉ हिमांशु ने देखा था। जिसके बाद परिजन उसे घर लेकर चले गए थे। परिजन महिला को दोबारा अस्पताल नहीं लाए, जांच टीम गांव भेजी गई है।
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एक सप्ताह में दो प्रसूताओं की मौत पर उठ रहे सवाल :
ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की सेहत का ध्यान रखने के लिए हर घर जाकर सर्वे करने का प्रावधान है।आशा बहू गर्भवती का चिह्नांकन और एएनएम महिलाओं का प्रतिमाह टीकाकरण करती हैं। क्षेत्र में लापरवाही का आलम यह है कि अधिकतर इलाकों में जननी सुरक्षा योजना के दावों को पलीता लगाया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह में दो प्रसूताओं और उनसे जन्मे बच्चों की मौत हो गई। ऐसी ही एक घटना 12 दिसंबर को हुई थी। इसमें गांव सिवारा खास निवासी जितेन्द्र शर्मा की पत्नी सत्यवती को भी बच्चा हुआ था। सरकारी सेवाओं की उपेक्षा के चलते जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई थी।

20जेएनडी19: डायलिसिस वार्ड के बाहर लगे एस्पायरी डेट के फायर सेफ्टी सिलिंडर की तारीख देखते हुए।

20जेएनडी19: डायलिसिस वार्ड के बाहर लगे एस्पायरी डेट के फायर सेफ्टी सिलिंडर की तारीख देखते हुए।

20जेएनडी19: डायलिसिस वार्ड के बाहर लगे एस्पायरी डेट के फायर सेफ्टी सिलिंडर की तारीख देखते हुए।

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