संतों और कल्पवासियों की तपस्या के आगे इंद्रदेव को भी हार का सामना करना
पड़ा। गुरुवार को जिस तरह से बादल छाए थे। उससे लगता था कि मौसम एक-दो दिन
नहीं खुलेगा। लेकिन संतों की प्रार्थना काम आई और शुक्रवार को खिली धूप से
रामनगरिया में दिन भर गहमा-गहमी देखी गई। संतों का कहना था कि साधना की डगर
पर परेशानी अवश्य होती है लेकिन
फल सुखदायी होता है। खिली धूप में
कल्पवासियों ने ईश्वर को धन्यवाद ज्ञापित किया। मौसम खुशगवार होने के चलते
दिन भर धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे होते रहे। वहीं प्रशासनिक क्षेत्र के
मार्गों को दुरुस्त किया जाता रहा। यहां आयोजित संत सम्मेलन में मेला
प्रभारी संदीप दीक्षित ने संतों को शाल उढ़ाकर सम्मानित किया।
शुक्रवार को
स्नानार्थियों की संख्या में इजाफा हुआ और मेला क्षेत्र में भी रौनक दिखाई
दी। प्रशासन की ओर से पालीथिन की बिक्री पर रोक के बावजूद दुकानदार पालीथिन
की बिक्री करते रहे। ब्रह्माकुमारी आश्रम की ओर से प्रदर्शनी का भी आयोजन
हुआ। 3 फरवरी को मेला का समापन होगा।
आश्रम की ओर से लगी प्रदर्शनी
रामनगरिया
के सांस्कृतिक पांडाल में ब्रह्मा कुमारी आश्रम की ओर से प्रदर्शनी लगवाई
गई। इसमें दुर्व्यसनों से होने वाले नुकसान को दर्शाया गया। साथ ही योग
साधना के गुर भी सिखाए गए। केंद्र संचालिका बीके मंजू ने कहा कि नशा मनुष्य
के दिल और दिमाग पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इससे जीवन प्रभावित होता
है। मनुष्यों को दुर्व्यसनों से बचना चाहिए।
गंगा में डुबकी लगा कमाया पुण्य
रामनगरिया
क्षेत्र में विगत एक सप्ताह से कड़ाके की सर्दी झेल रहे कल्पवासियों को
शुक्रवार को धूप खिलने से राहत मिली। लोगों ने अपने वस्त्रों और बुनियादी
चीजों को धूप में सुखाया। मेला क्षेत्र में हुई ग्राहकों की काफी गहमा-गहमी
रही। स्नानार्थियों ने भी गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ कमाया।
शोभायात्रा आज
जनपदीय
आर्य समाज उप प्रतिनिधि सभा वैदिक क्षेत्र की ओर से शनिवार को शोभायात्रा
निकाली जाएगी। इसमें आर्य समाज के संत मेला क्षेत्र का भ्रमण के साथ लोगों
को यज्ञ से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी देंगे। शुक्रवार को वैदिक
क्षेत्र में यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आचार्य प्रदीप शास्त्री,
मीरा शास्त्री, आचार्य चंद्रदेव शास्त्री, राजकुमार, हरिओम शास्त्री,
अर्जुन, अजीत कुमार, वरुण, डा. शिवराम आर्य और धीरेंद्र आदि मौजूद रहे।
कैंप में वितरित की जा रहीं दवाएं
रामनगरिया
क्षेत्र में कायमगंज की पूर्व पालिकाध्यक्ष मिथलेश अग्रवाल की ओर से
धर्मार्थ होम्योपैथिक चिकित्सा कैंप लगाया गया है। इसमें आने वाले मरीजों
को डा. गोपाल कुमार देखकर मुफ्त में दवाएं वितरित कर रहे हैं। सुबह 9 से
दोपहर 2 बजे तक मरीजों को देखा जाता है। वहीं शासन की ओर से बनाए गए
अस्पतालों में दवाओं का टोटा अब भी है।
गंगा स्वच्छता की जलाई अलख
मेला
पांडाल में शुक्रवार को संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान गंगा
स्वच्छता की अलख जगाई गई। योगेश्वरानंद गिरि ने कहा कि गंगा की स्वच्छता के
लिए सभी को संकल्प लेना होगा। संत बालकदास ने कहा कि गंगा नदी की स्वच्छता
में सभी का योगदान आवश्यक है।
रामप्रकाश आश्रम ने कहा कि मनुष्य अहंकार का
त्याग कर नियम, संयम का पालन करे तो निरोगी रहता है। श्री गंगा स्वच्छता
महाभियान के संयोजक डा. संतोष प्रजापति ने पर्यावरण प्रदूषण मिटाने के लिए
जागरुक किया। इस अवसर पर मेला व्यवस्थापक संजीव दीक्षित, नारायणदास,
सत्यस्वरूप, आदर्श, जगदीश दास, रामानंद त्रिवेदी और बजरंगदास आदि मौजूद
रहे।
ज्ञान व विवेक में अंतर होता
मेले
में कथावाचक साध्वी मंशा मिश्रा ने कहा कि ज्ञान और विवेक में अंतर होता
है। ज्ञान पुस्तकों के अध्ययन से होता है तो विवेक सत्संग से ही आता है।
उन्होंने रामचरित मानस की चौपाई का उदाहरण देते हुए कहा कि बिनु सत्संग
विवेक न होई। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य संतों के सानिध्य में आता है तो
उसके सारे दुर्गुण स्वत: ही नष्ट हो जाते हैं। ज्ञान से मनुष्य पूर्ण नहीं
होता, बल्कि विवेक और ज्ञान दोनों के मिलन से ही मनुष्य ज्ञानी कहलाता है।