पसही विद्युत उपकेंद्र का शिलान्यास करते विधायक रमेश चंद्र दूबे।
बिजली आपूर्ति की दगाबाजी से शहरी क्षेत्र के उपभोक्ता परेशान हैं। आंधी-पानी में 33 हजार लाइन के तीन पोल टूटने से जसमई विद्युत उपकेंद्र 20 घंटे और फतेहगढ़ उपकेंद्र की इनकमिंग केबिल बक्सा फुंकने से 6 घंटे बिजली बंद रही। इससे शहरियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार को दिन में भी इमरजेंसी रोस्टिंग और फाल्टों के कारण पांच से छह घंटे कटौती हुई।
रविवार रात आई आंधी और पानी से जसमई विद्युत उपकेंद्र को ट्रांसमिशन से जाने वाली 33 हजार लाइन के तीन पोल टूट गए थे। इस कारण शनिवार रात 2 बजे से सोमवार रात 9 बजे तक उपकेंद्र से किसी भी फीडर से शहरी इलाकों के मोहल्लों को बिजली सप्लाई नहीं हो सकी। पोल लगने के बाद बिजली आपूर्ति शुरू हुई। इस कारण दिन भर उपभोक्ता परेशान हुए।
फतेहगढ़ विद्युत उपकेंद्र की इनकमिंग एक का केबिल बक्सा सोमवार शाम करीब 8 बजे जल गया। इससे फतेहगढ़, बेवर रोड, मिल्क डेयरी, डिवीजन फीडर से मोहल्लों में होने वाली बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रात करीब 2 बजे केबिल बक्सा ठीक होने के बाद सभी फीडरों से मोहल्लों को बिजली सप्लाई दी गई। मंगलवार सुबह से दोपहर 1 बजे तक लोकल फाल्टों के कारण करीब एक घंटा सप्लाई ठप रही। वहीं दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक इमरजेंसी कटौती होने से बिजली सप्लाई बंद रही।
आपूर्ति शुरू होने के बाद शाम 6 बजे मिल्क डेयरी फीडर की सप्लाई फाल्ट होने के कारण करीब एक घंटे बंद रही। एसडीओ राहुल बाबू कटियार ने बताया कि आंधी व पानी के कारण बिजली सप्लाई प्रभावित हुई थी।