फोटो-37 खिमसेपुर में मक्का की मुरझाई फसल दिखाते किसान। संवाद
मोहम्मदाबाद। खिमसेपुर स्थित बिजली उपकेंद्र के नलकूप फीडर पर बिजली कटौती से किसान त्रस्त हैं। सिंचाई न हो पाने से उनकी मक्का की फसलें सूख रही हैं। आलू की मंदी से बर्बाद हुए किसान मक्का की फसल पर उम्मीद लगाए हैं। बिजली विभाग की मनमानी से उम्मीद पर पानी फिरता देख किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
शासन से नलकूप फीडर पर दिन में 10 घंटे बिजली आपूर्ति करने के आदेश हैं। इसके बावजूद खिमसेपुर उपकेंद्र से जुड़े नलकूप फीडर को बमुश्किल पांच घंटे बिजली दी जा रही है। इसमें भी बीच-बीच में ट्रिपिंग व फाल्ट की समस्या आने पर उतनी बिजली भी मिलना मुश्किल हो जाता है। बिजली कटौती से किसानों नलकूप से फसलों की सिंचाई नहीं कर रहे पा रहे हैं। इससे मक्का की फसल मुरझाने लगी है और सूखने की कगार पर पहुंच रही है। बिजली आपूर्ति के यही हालात रहे तो आलू में बर्बाद हुए किसान मक्का की फसल सूखने से कर्ज के बोझ में दबते नजर आ रहे हैं। इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता रहा है। उत्पादन प्रभावित होता देख किसानों ने रविवार को उपकेंद्र का घेराव किया था। उस दौरान एसएसओ रमन ने बताया कि जेई के आदेश पर दो अप्रैल से खिमसेपुर व धीरपुर फीडर को पांच-पांच घंटे, जबकि मदनपुर फीडर को 9 घंटे बिजली दी जा रही है। इस पर किसानों ने अन्य फीडरों की भी बिजली आपूर्ति बंद करा दी थी। एसडीओ अरुण कुमार गुप्ता किसानों को 10 घंटे बिजली देने का आश्वासन दिया है।