बिजली की अघोषित कटौती और आरक्षण में हुई गड़बड़ी के विरोध में भाजपाइयों
ने जिला पंचायत कार्यालय परिसर से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। कलेक्ट्रेट
में डीएम कार्यालय में घुसने को लेकर नगर मजिस्ट्रेट और पुलिस कर्मियों की
भाजपाइयों से नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। यहां भाजपा नेता डीएम कार्यालय
में बरामदे में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन
करने के बाद ज्ञापन लेने के लिए
जिलाधिकारी को बुलाया। डीएम के न आने पर गुस्साए भाजपाइयों ने ज्ञापन को
डीएम कार्यालय गेट पर चस्पा कर दिया। इसे नोचकर होमगार्ड ने फर्श पर फेंक
दिया। भाजपा नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी न हुईं तो भाजपा आंदोलन करेगी।
जिले
में बिजली संकट और आरक्षण में अनियमितताएं बरते जाने के विरोध में पूर्व
निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाजपा सांसद मुकेश राजपूत के नेतृत्व में भाजपा
नेता व कार्यकर्ता जिला पंचायत कार्यालय में एकत्र हुए । यहां से जुलूस
निकाल कर नारे लगाते कलेक्ट्रेट पहुंचे। इनके हाथों में डीएम के खिलाफ
स्लोगन लिखी पट्टियां थीं। कलेक्ट्रेट में डीएम का घेराव
करने के लिए
कार्यालय में भाजपा नेताओं को घुसता देख नगर मजिस्ट्रेट बीडी वर्मा और
पुलिसकर्मियों ने इन्हें रोक लिया। भाजपा नेताओं की इस दौरान पुलिस से
धक्कामुक्की भी हुई। इससे नाराज भाजपा नेता डीएम कार्यालय के बरामदे में
धरने पर बैठ गए। इन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली। नारेबाजी
पर डीएम कार्यालय से उठकर सभागार
में चले गए। यहां सांसद मुकेश राजपूत ने
कहा कि बिजली की समस्या से जनता जूझ रही है। इसकी अफसरों को कोई चिंता नहीं
है। पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार ने पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण में
गड़बड़ी किए जाने आरोप लगाया। प्रांशुदत्त द्विवेदी ने कहा कि फर्रुखाबाद
जिले के साथ प्रदेश सरकार भेदभाव कर रही है। पड़ोसी जिलों को 24 घंटे बिजली
मिल रही है । फर्रुखाबाद को 15 घंटे तक बिजली नहीं मिल रही। सतीश वर्मा
ने कहा कि गांवों में रोस्टर से बिजली आपूर्ति न होने से किसानों की फसल
पानी न लगने के कारण सूख रही है। करीब दो घंटे तक चले धरना प्रदर्शन में
जिले की खस्ताहाल बिजली व्यवस्था और जिला पंचायत, ब्लाक प्रमुख व क्षेत्र
पंचायत सदस्यों के आरक्षण में बरती गई
अनियमितताओं को उजागर किया गया।
ज्ञापन लेने नगर मजिस्ट्रेट पहुंचे तो इन्हें भाजपा नेताओं ने ज्ञापन देने
से मना कर दिया। नेताओं का कहना था कि डीएम को ही ज्ञापन सौंपेंगे। डीएम
के न आने पर सांसद व अन्य भाजपा नेताओं ने डीएम कार्यालय के गेट पर ज्ञापन
की कापी को चस्पा कर दिया। इसे होमगार्ड ने उखाड़ कर फेंक दिया। सांसद ने
कहा कि
अगर ज्ञापन में दी गई समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो भाजपा
रणनीति बनाकर जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन चलाएगी। इस दौरान मेजर सुनील
दत्त द्विवेदी, पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार, सुशील शाक्य, पूर्व सांसद
चंद्र भूषण सिंह, डा रजनी सरीन, विमल कटियार, सत्यपाल सिंह, अजीत महाजन,
शैलेन्द्र राठौर, मुकेश राठौर, सतीश वर्मा, मोहन अग्रवाल, डा भूदेवु
राजपूत, संदेश राजपूत, राजीव राठौर, निहारिका पटेल समेत कई भाजपाई मौजूद रहे।
बाइक जुलूस निकाला
फर्रुखाबाद
विकास मंच ने भी भाजपा के आंदोलन में शिरकत की । मंच ने बाइक जुलूस निकाला
। जिलाध्यक्ष मोहन अग्रवाल के नेतृत्व में नेकपुर से कलेक्ट्रेट तक बाइक
जुलूस निकाला गया। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के
नारे लगाए।
चस्पा ज्ञापन फाड़ने पर हुआ विवाद
जिलाधिकारी
कार्यालय के गेट चस्पा कर जैसे ही भाजपा नेता मुख्य गेट पर पहुंचे। तभी
ज्ञापन को फाड़ दिया गया। ज्ञापन की कॉपी पर अशोक की लाट छपी थी। इसके
अपमान पर भाजपा नेता भड़क गए। सांसद के निजी सचिव अनूप मिश्रा भाई जी की
इसको लेकर कहासुनी हुई। भाजपा नेता ज्ञापन फाड़ने वाले को पकड़ने के लिए
दौड़ पड़े। इसको लेकर
पुलिस और भाजपा नेताओं में धक्कामुक्की हो गई। अपर
पुलिस अधीक्षक रामभवन चौरसिया, सीओ सिटी योगेश कुमार ने भाजपा नेताओं को
समझा कर शांत किया। तब कहीं विवाद निपटा। भाजपाई के धरना प्रदर्शन को लेकर
सुरक्षा में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा।