अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। आलू के भाव में गिरावट से किसान परेशान हैं। गुरुवार को करीब 100 रुपये प्रतिबोरी भाव गिर गया। मौसम अनुकूल होने से उपज बढ़ने से कुछ राहत है। गेहूं की बुवाई के लिए किसान तेजी से आलू की खुदाई कर रहे हैं।
पिछले वर्ष अच्छे दाम मिलने से आलू की फसल का रकबा बढ़ गया। किसानों ने 2018 के मुकाबले 4 गुनी कीमत पर बीज बीज खरीदकर बुवाई की। नई फसल अने पर 15 दिसंबर तक आलू का भाव ठीक रहा, इसके बाद मंदी आती गई। गुरुवार को मंडी में प्रति बोरी (करीब 53 किलो) आलू 300 से 350 रुपये में बिका। पिछले वर्ष की अपेक्षा प्रति बीघा 10 से 15 बोरी की उपज बढ़ी है। गेहूं की बुवाई में अधिक समय न बचने से किसान तेजी से आलू की खुदाई कर रहे हैं।
40 से 42 पैकेट निकल रहा
कमलगंज के कैंटहा निवासी उन्नतशील किसान अनिल कुमार सिंह का कहना है कि पिछले साल कच्ची फसल का आलू 65 दिन में 20 से 28 बोरी निकला था। इस बार 40 से 42 बोरी उत्पादन हुआ है। यदि भाव 500 रुपये बोरी मिल जाय तो फायदा हो सकता है।
18 से 26 सेल्सियस तापमान अनुकूल
फोटो- 19 रामप्रकाश पांडेय
-सिंधौली के प्रगतिशील किसान रामप्रकाश पांडेय कहते हैं कि आलू के लिए 18 से 26 डिग्री सेल्सियस तापमान बहुत फायदेमंद है। इससे पैदावार बढ़ी है। पिछले साल इन दिनों आलू का भाव करीब 700 रुपये प्रति बोरी था। इस बार भाव आधा रह गया और लागत बढ़ गई।