संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आते ही शहर में रहने वाले अब गांव का रुख कर रहे हैं। एक ही निर्वाचक नामावली में शामिल होने की बाध्यता से पंचायत चुनाव के दावेदारों के लिए निकाय का मतदाता होना सिरदर्द बना है। अब वे निकायों से वोट कटवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। उन्हें शहर नहीं भा रहा है। नगर पंचायत व नगर पालिका की निर्वाचक नामावली से नाम कटवाने के लिए अभी तक 100 से अधिक लोग आवेदन कर चुके हैं।
शहर में सुविधाएं होने से गांव के लोग वहीं आवास बनाते हैं। इसके साथ ही वह नगर पालिका व नगर पंचायत के मतदाता भी बन जाते हैं। इससे जो गांव में पहले से मतदाता हैं वे निकाय चुनाव में भी मतदान कर रहे हैं। पंचायत चुनाव की बयार तेज हो गई है और चुनाव आयोग सख्त है। शासनादेश के अनुसार कोई व्यक्ति प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र निर्वाचक नामावली में एक से अधिक बार पंजीकरण का हकदार नहीं होगा। यदि उसका नाम नगर पंचायत, नगर पालिका या छावनी परिषद से संबंधित निर्वाचक नामावली में दर्ज है तो उसे गांव में वोट डालने के लिए नगर निकाय की निर्वाचक नामावली से नाम कटवाना ही होगा। ऐसा करने के बाद इसका शपथ पत्र नहीं देगा तो वह गांव में वोट डालने का हकदार नहीं होगा। यह आदेश दावेदारों के लिए सिरदर्द बना है। अब वह निर्वाचन कार्यालय से लेकर तहसीलों में निकाय से वोट कटवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। निर्वाचन कार्यालय में अब तक 30 लोग वोट कटवाने के लिए आवेदन कर चुके हैं। तीनों तहसीलों के आवेदनों को जोड़ें तो यह संख्या 100 के पार कर चुकी है। इससे पंचायत चुनाव के दावेदारों को अब शहर नहीं भा रहा है।