फोटो-33 सातनपुर मंडी के बाहर लगे जाम में फंसे वाहन। संवाद
फर्रुखाबाद। शहर की सातनपुर मंडी में आलू की आवक बढ़ने के साथ यातायात व्यवस्था फेल होने से मंडी के अंदर से लेकर मुख्य सड़क पर जाम लगा रहा। इससे घंटों वाहन फंसे रहे। राहगीरों को अपने वाहन से 15 मिनट का रास्ता तय करने में एक से डेढ़ घंटा लग गया। इससे लोग परेशान रहे।
सातनपुर मंडी में इन दिनों आलू की आवक बढ़ रही है। इससे भोर से ही किसान ट्रैक्टर-ट्राली से आलू लेकर मंडी पहुंचने लगते हैं। इसी बीच व्यापारियों का आलू लोड करने के लिए खाली ट्रक भी मंडी का रुख करते हैं। इससे मंडी में वाहनों की भरमार हो जाती है। आड़े-तिरछे ट्रैक्टर-ट्राली खड़े होने से आलू पलटने के बाद खाली ट्रैक्टर-ट्राली का मंडी से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
मुख्य सड़क पर दोनों ओर से आने वाले ट्रक एक-दूसरे को साइड देने के लिए खाली ट्रक भी सड़क के नीचे पहिया उतारने को तैयार नहीं होता। इससे सड़क पर दो ट्रक आमने-सामने खड़े होने जाम लग जाता है। शनिवार को तो जाम की हद हो गई। सेंट्रल जेल चौराहे से लेकर देवरापुर रेलवे क्रॉसिंग तक मंडी के दोनों ओर जाम में वाहनों की कतारें लगी हैं।
खास बात तो यह है कि सैैकड़ों की तादाद में फंसे वाहन निकालने और यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस का एक सिपाही तक मौजूद नहीं था। जाम लगने के बावजूद सेंट्रल जेल चौराहे से खाली ट्रकों को मंडी रोड पर प्रवेश मिलता रहा और जाम बढ़ता गया। मंडी रोड पर जाम का असर शहर में भी दिखाई दिखाई दिया।
रेलवे रोड, ठंडी सड़क सहित कई स्थानों पर जाम की स्थिति रही। सातनपुर मंडी में करीब 175 ट्रक आलू पहुंचा। गड्ड आलू का भाव 300 रुपये से लेकर 400 रुपये प्रति क्विंटल रहा। वहीं छट्टा आलू 500 रुपये से लेकर 550 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक्री हुई। वहीं हालैंड आलू 600 रुपये से लेकर 811 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका।
वर्जन
खाली ट्रक आने से मंडी में और मुख्य सड़क पर जाम लगता है। सेंट्रल जेल चौराहे से ही दोपहर तीन बजे तक खाली ट्रक व बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लग जाए तो जाम से राहत मिलेगी। जाम से निजात के लिए वह सिटी मजिस्ट्रेट को पत्र भेज रहे हैं। यातायात व्यवस्था सुधरने पर ही जाम की समस्या कम होगी। - अनूप कुमार दीक्षित, मंडी सचिव