कायमगंज। चीनी मिल की रोजाना 20 हजार क्विंटल पर्ची जारी होने के दावे की पोल खोल दी है। हकीकत में किसान एक-एक पर्ची के लिए मिल के चक्कर लगा रहे हैं। उधर, मिल हर रोज गन्ने के अभाव में बंद हो रही है। वहीं, जीएम का कहना है कि वह क्षमता के अनुरूप हर रोज गन्ने की पेराई कर रहे हैं।
किसान कल्यान सिंह निवासी पचरोली महादेवपुर, गंगादीन अलाहदादपुर, अजयपाल नगला दूंदी, ओमकार, तालेबर, बबलू, विश्वनाथ, स्वामीसरन निवासीगण महमदियापुर, बांकेलाल सोतेपुर, आदि ने बताया कि डेढ़ महीने बाद भी एक पर्ची नहीं मिली है। एक महीने से लगातार मिल के चक्कर काट रहे हैं, वह कई बार जीएम को प्रार्थनापत्र भी दे चुके हैं। उन्हें सट्टा खारिज होना बताकर चलता कर दिया जाता है। वह ग्राम सेवक के पास जाते हैं तो वह भी उनकी समस्या का समाधान नहीं करता है। उन्हाेंने मिल प्रशासन पर सुविधा शुल्क लेकर पर्ची जारी करने और दलालों को पर्चियां जारी करने का आरोप लगाया।
किसानों का कहना है कि हर रोज मिल गन्ने के अभाव में बंद हो जाती है। वह मिल में गन्ना लाना चाहते हैं, तो उन्हें पर्चियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इस संबंध में जीएम डीके सक्सेना ने बताया कि मिल से हर रोज 20 हजार क्विंटल गन्ने की पर्ची जारी की जा रही हैं। इसके सापेक्ष किसान 12 हजार क्विंटल गन्ना ही उपलब्ध करा पा रहे हैं। गन्ना ग्राम सेवकों के सर्वे में गलतियों के कारण ही दिक्कत आ रही हैं। किसानों की समस्याएं संज्ञान में आने पर उनका निस्तारण किया जाता है। मिल अभी तक 4.5 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर 40 हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन कर चुकी है।