राजपेुर क्षेत्र में एमडीएम टेस्ट करते सचिव।
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हौसला पोषण की हकीकत जानने आए विशेष सचिव ओपी वर्मा के निरीक्षण में मिशन की पोल खुल गई। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की संख्या कम मिली और चावल की गुणवत्ता की खराब थी।
इसको लेकर अधिकारियों पर विशेष सचिव ने नाराजगी जताई। शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ विशेष सचिव ने बैठक कर गुरुवार को हौसला पोषण योजना के तहत छापेमारी करने के निर्देश दिए।
विशेष सचिव ने बढ़पुर ब्लाक के गांव धंसुआ के आंगनबाड़ी केेंद्र का निरीक्षण किया। यहां बच्चों की संख्या कम मिली। राजेपुर ब्लाक के गांव उजागरपुर के आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। यहां कार्यकत्री निर्मलादेवी तैनात थी। केंद्र पर गंदगी और बच्चों के लिए बनने वाले चावल की गुणवत्ता खराब मिली।
कार्यकत्री को सफाई कराने के निर्देश दिए। लक्ष्मी और अरुण अतिकुपोषित बच्चे मिलने पर सीडीपीओ को भर्ती कराने का आदेश दिया। इस केंद्र पर 44 पंजीकृत बच्चों में से 22 उपस्थित थे और 14 गर्भवती महिलाओं में से 9 महिलाएं आई थी। इनसे भोजन मिलने संबंधी जानकारी दी।
प्राथमिक विद्यालय उजरामऊ में 111 पंजीकृत बच्चों में से 61 उपस्थित मिले। गांव महेशपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर चावल की गुणवत्ता खराब मिली। चावल बदलवाने के निर्देश दिए। वीडीओ रवीन्द्र पांडेय को कई बार बुलवाया गया। उनके उपस्थित न होने पर सचिव ने सीडीओ को वीडीओ के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
शाम को विशेष सचिव ने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर हौषणा पोषण मिशन की समीक्षा की। इस योजना को सफल बनाने के अधिकारियों को निर्देश दिए।