‘दो महीने से ज्यादा नहीं रुक पाऊंगा, अगर रुक गया तो दबे-कुचलों को न्याय दिलवाऊंगा’...जून के दूसरे सप्ताह 2016 में कार्यभार ग्रहण करते समय डीएम कर्ण सिंह चौहान ने पत्रकार वार्ता में यही शब्द कहे थे। उनकी बात सही साबित हुई। अगस्त में डीएम का तबादला हो गया। जिले में डीएम का चार्ज प्रकाश बिंदु को मिला।
अपनी कार्यशैली के लिए चर्चित जिलाधिकारी ने किसी भी नेता के दबाव में न आकर जनहित में जिलाधिकारी ने निष्पक्ष काम किया। हालांकि उन्हें कई बार यहां से हटा दिए जाने की धमकी दी गई लेकिन उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि नौकरी में तबादला एक प्रक्रिया है। वह किसी को कानून से खेलने की इजाजत नहीं देते हैं। गरीबों को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है।
जिले में चल रही गुटबाजी का शिकार जिलाधिकारी को होना ही पड़ा है। वैसे जिलाधिकारी की कार्यशैली के संबंध में आम जनता उनकी प्रशंसा कर रही है। जिलाधिकारी कर्ण सिंह को विशेष सचिव एपीसी शाखा लखनऊ भेजा गया है। जिलाधिकारी ने जून 2016 के दूसरे सप्ताह में यहां कार्यभार ग्रहण किया और करीब दो माह कुछ दिन के कार्यकाल के बाद उनका तबादला करा दिया गया।