संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। गूगल मीट पर थानेदार, सीओ व पीड़ित के आनलाइन होने से न्याय की उम्मीद की किरण जागी है। थानेदारों पर शिकंजा कस गया है। वह थाने में बैठकर फरियादियों की समस्याएं सुन रहे हैं। तय समय तक उनको गूगल मीट पर मौजूद रहना है। एसपी के पास आने वाले फरियादियों की संख्या भी घटने लगी है।
एसपी विकास कुमार गूगल मीट एप से सीओ, थानेदार व पीड़ित को ऑनलाइन रहकर सुनवाई कर रहे हैं। इससे पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल रहा है। उनको अपनी फरियाद के लिए सीओ व एसओ के पास चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। एसपी के कार्यभार ग्रहण करने से लेकर 31 जुलाई तक चालीस से पचास फरियादियों का प्रतिदिन कार्यालय में आना होता था।
जब से गूगल मीट एप के जरिए एसपी ने सीओ व थानेदारों को ऑनलाइन रहकर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की है। तब से फरियादियों की संख्या दिनों दिन घट रही है। अब यह आंकडा 30 से 35 तक सिमट गया है। दूरदराज के इलाके के पीड़ितों की थाने पर ही मौजूद रहकर एसपी से थानेदार बात करा रहे हैं। ऐसे में उनको एसपी के पास आने के लिए किराया भी खर्च नहीं करना पड़ रहा है।
एसपी विकास कुमार ने बताया कि गूगल मीट एप के जरिए सभी सीओ व एसओ को दस से बारह बजे तक मौजूद रहना आवश्यक है। ऐसे में पीड़ित का प्रार्थना पत्र कहां है और क्या कार्रवाई चल रही है। सभी बातें सामने आ जाती है। उसको किसी के कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैंं।