संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। शहर की आवास विकास कालोनी में सोमवार देर रात एक चाय की दुकान पर मामूली विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। अपनी दबंगई दिखाने को लेकर कई मुकदमों में नामजद एक डॉक्टर और युवकों में भिड़ंत हो गई। मारपीट के दौरान बाहर लगा टट्टर तोड़ दिया। इसके बाद तमंचे लहराए गए।
रात करीब सवा 11 बजे चाय की दुकान पर एक डॉक्टर अपने पांच साथियों के साथ चाय पी रहे थे। कुछ अन्य युवा भी वहीं पर चाय पी रहे थे। होटल में सीट पर बैठने को लेकर डॉक्टर और दूसरे युवकों के गुट में विवाद होने लगा। कुछ ही देर में धक्का-मुक्की के बाद मारपीट हो गई।
इसी दौरान दोनों पक्ष दुकान से बाहर आए। वहां लगे एक टट्टर से डंडे निकालकर हमला बोल दिया। कई लोग दोनों पक्षों में बीच-बचाव भी करते दिखे। इसी दौरान कुछ युवकों ने तमंचे लहराए, तो लोग भागने लगे। मारपीट की सूचना मिलते ही आवास विकास चौकी प्रभारी स्वदेश कुमार और कादरीगेट थाने के एसएसआई पुलिस बल के साथ पहुंचे।
पुलिस की गाड़ियों को आता देख दबंग युवकों का गुट बाइकों और कारों से भाग गया जबकि कार से भागने का प्रयास करते डॉक्टर को चौकी प्रभारी ने रोक लिया। डॉक्टर को कार से नीचे उतारकर तलाशी ली, मगर उसमें बियर की दो खाली केन के अलावा कुछ संदिग्ध नहीं मिला। इसके बाद उन्हें जाने दिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगालने की जरूरत भी नहीं समझी। पुलिस कार की तलाशी लेती रही और दुकान मालिक ताला लगाकर चला गया।
आधी रात तक खुलती हैं चाय की दुकानें
शासन का भले ही रात 10 बजे तक दुकानें खुलने का निर्देश हो, मगर आवास विकास में प्रभावशाली दुकानदार आधी रात तक दुकानें खोलते हैं। यहां 10 बजे के बाद अराजक तत्व एकत्रित होकर अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं। इसी वजह से आए दिन दबंगों के गुटों में विवाद, मारपीट होती रहती है। पुलिस भी इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम है। लिहाजा कभी भी बड़ी घटना होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। पुलिस जानबूझ कर इन पर कड़ी कार्रवाई नहीं करती।
विवाद होने की सूचना सही है, मगर विशेष बात नहीं
कादरीगेट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद शुक्ला ने बताया कि विवाद की सूचना पर एसएसआई और चौकी प्रभारी गए थे। विवाद होने की बात सही है, मगर तमंचे नहीं लहराए गए। कार की जांच भी की गई थी। कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। फिर भी इस मामले को वह दिखवाएंगे।