थाना क्षेत्र के गांव सिरसा में हत्यारोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस पार्टी पर हत्यारोपी और उसके भाईयों ने फायरिंग कर दी। हाथापाई कर आरोपी को पुलिस से छुड़ा लिया। यहां पहुंची पुलिस ने जब मुख्यालय को सूचना दी तो गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया लेकिन कोई भी हत्यारोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा।
सात माह पूर्व 3 मार्च को गांव के अखिलेश पुत्र राम प्रकाश की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में जयनंद उर्फ जैना, विनोद उर्फ दिन्ना, हरिनंदन उर्फ हन्ना को नामजद किया गया था। नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए गुरुवार की शाम थानाध्यक्ष सुशील कुमार, दरोगा हरिओम शर्मा, दलवीर सिंह के साथ गांव सिरसा पहुंचे।
उन्होंने जयनंद उर्फ जैना के घर दबिश दी। उसके अन्य भाई मौके पर नहीं मिले। जयनंद को पुलिस घसीटती हुई घर से बाहर लाने लगी। तभी उसके भाई विनोद, हनिनंदन व 10-12 लोग अज्ञात वहा आ गए। इन्होंने पुलिस पार्टी पर हमला बोल दिया।
जयनंद उर्फ जैना को पुलिस से छीन लिया। इसके बाद जैना ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। जान बचा कर पुलिस वाले स्कूल में छिप गए और घटना की सूचना जिला मुख्यालय पर दी। सूचना मिलने पर कायमगंज कोतवाल और स्वाट टीम प्रभारी एनके त्रिपाठी, सीओ मोहम्मदाबाद, कायमगंज, थानाध्यक्ष शमसाबाद समेत आसपास थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन आरोपी वहां से फरार हो गए।
थानाध्यक्ष सुशील कुमार का कहना है कि तीनों हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। इस तरह से कई बार यह लोग पुलिस पार्टी पर फायर कर चुके है। तीनों भाई करीब आधा दर्जन हत्या, लूट, डकैती, मारपीट के मुकदमों में वांछित चल रहे है।