संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। सावन के दूसरे सोमवार को भी शिवालयों में हर-हर महादेव के उद्घोष नहीं सुनाई दिए। सुबह से ही मुख्य गेट पर ताला लटका रहा। भक्तों की आस में बैठे पूजन सामग्री बेचने वाले लोग भी मायूस लौट गए। हालांकि अन्य मंदिरों के कपाट तो खुले, मगर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। देवालयों में भक्तों का आना-जाना काफी कम संख्या में देखा गया।
सुबह से ही शहर के प्रसिद्ध पांडवेश्वर नाथ शिवालय, गुरुगांव देवी मंदिर, बढ़पुर मंदिर, हनुमान मंदिर भोलेपुर पर सुबह से ही पुलिस का पहरा लग गया। पांडवेश्वर नाथ मंदिर पर भीड़ जुटने के डर से मुख्य गेट पर ताला पड़ा रहा। मंदिर में मुख्य पुजारी समेत पांच व्यवस्थापकों ने भोले की आरती कर पूजन अर्चन किया। आम भक्तों के लिए कपाट नहीं खोले गए। मंदिर के बाहर मुख्य मार्ग के किनारे बेलपत्र, धतूरा, फूल आदि बेचने वाले दुकानदार मायूस बैठे रहे। भक्तों के न आने से उनकी बिक्री नहीं हुई। बढ़पुर मंदिर में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की गई थी। यहां दर्शन के लिए जाने की अनुमति थी, मगर सोशल डिस्टेंस के साथ ही भक्तों को प्रवेश मिल सका। बाबा के दर्शन, पूजन न कर पाने से भक्त मायूस दिखाई दिए।
देहात क्षेत्र समेत छोटे मंदिरों में रही भीड़
देहात क्षेत्र और शहर के छोटे शिवालयों को बंद नहीं किया गया था। बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और सोशल डिस्टेंस बनाते हुए शिवलिंग का पूजन अर्चन किया। शाम को भी लोगों ने आरती में हिस्सा लेकर पुण्यफल अर्जित किया।
अफसरों ने मंदिरों का लिया जायजा
शहर के मंदिरों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य और सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड ने मंदिरों का जायजा लिया। उन्होंने भोले के भक्तों से सहयोग की अपील की।