शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। एटा से अपहृत बैंक कर्मी गांव लहरा के बाग में अर्द्ध बेहोशी हालत में मिला। उसके हाथ-पैर बंधे थे और मुहं में कपड़ा ठुसा था। शरीर पर मारपीट के निशान थे। पुलिस ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया।
कर्मी ने वैन सवार तीन लोगों पर अपहरण का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची एटा के थाना बागवाला पुलिस मामला संदिग्ध मान रही है। फिलहाल वह कर्मी को अपने साथ ले गई है।
जनपद एटा के गांव भगवंतपुर निवासी शिवचरण यादव का 22 वर्षीय पुत्र कुलदीप यादव एक प्राइवेट बैंक में नौकरी करता है। वह सोमवार को भोर में घर से शौच के लिए खेतों की ओर गया था। इसके बाद से ही वह लापता था।
परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इस पर बागवाला पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कर ली। इधर, शमसाबाद थाना क्षेत्र में कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग से गांव लहरा जाने वाली सड़क से कुछ दूरी पर गांव लहरा बाग में मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे लोगों ने एक युवक को पड़ा देखा।
उसके हाथ-पैर बंधे थे, मुहं में कपड़ा ठुसा था और अर्द्धबेहोशी हालत में था। वह जींस, बनियान पहने था। सूचना पर थाना शमसाबाद पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ में युवक ने अपना नाम कुलदीप निवासी भगवंतपुर बताया। कहा कि गांव के बाहर उसको तीन युवकों ने पकड़कर वैन में डाल लिया था।
कुछ दूर चलने के बाद उसको नशीला पदार्थ सुंघा दिया। बेहोशी की हालत में वैन सवार उसे कहां ले गए, पता नहीं। जब होश आया तब वह बाग में बंधा पड़ा था। कुलदीप के मुताबिक वह घिसटता हुए सड़क की ओर जाने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने कुलदीप को सीएचसी शमशाबाद पहुंचाया।
वहां उपचार के बाद कुलदीप को दोपहर में पूरी तरह होश में आ गया। इस बीच थाना बागवाला के दरोगा किशोरी लाल मीणा, दिनेश सिंह पहुंच गए। उन्होंने कुलदीप से पूछताछ की। उसने वैन सवार तीन लोगों पर अपहरण करने का आरोप लगाया।
वहां से थाना बागवाला पुलिस कुलदीप को अपने साथ लेकर चली गई। बागवाला थाने के एसओ फूलचंद्र ने बताया कि कुलदीप के पिता ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच में अपहरण की घटना संदिग्ध लग रही है। शमसाबाद पुलिस का कहना है कि यदि कुलदीप गवा किया गया था तो उसे यहां लाकर क्यो छोड़ा गया। समझ से परे है। फिलहाल बागवाला पुलिस मामले की जांच कर रही है।