फर्रुखाबाद। शहर को जाम से मुक्त कराने की मंशा से 23 रूटों पर तय संख्या में ई-रिक्शा चलाने की योजना कागजों में दब गई है। नगर पालिका 4180 के सापेक्ष 1650 ई-रिक्शों पर ही रूट नंबर डाल सकी है।
तीन महीने से रूट नंबर के लिए लगने वाले शिविर भी बंद कर दिए गए। इससे शहर के लोग जाम से जूझ रहे हैं। शहर की हर सड़क और गली में ई-रिक्शों की भरमार है। इस कारण जगह-जगह जाम लगना आम हो गया है। इसका खामियाजा दुकानदार से लेकर हर आने-जाने वाले को भुगतना पड़ रहा है।
जाम से मुक्ति के लिए पालिका ने एक साल पहले 23 रूट निर्धारित कर सिटी मजिस्ट्रेट से अनुमति ले ली थी। यही नहीं यातायात विभाग ने करीब 6300 ई-रिक्शों पर यूनिट नंबर डाल दिए थे।
रूट नंबर के अनुसार पालिका ने सभी मार्गों पर कुल 4180 ई-रिक्शा चलाना तय कर दिया था। इसी आधार पर ई-रिक्शों पर रूट नंबर भी डाले जाने थे। तीन महीने पहले पालिका ने पुलिस के सहयोग से शहर में कई स्थानों पर शिविर लगाकर 1650 ई-रिक्शों पर रूट नंबर डाले। इसके बाद जाम बंद कर दिया। इसका नतीजा जाम के रूप में लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
पालिका ने ई-रिक्शा चलाने को तय किए गए मार्ग
फर्रुखाबाद। गुरुगांव देवी मंदिर से स्टेशन, कांशीराम कालोनी हैवतपुर गढि़या से रेलवे स्टेशन, रेलवे स्टेशन से कादरीगेट तिराहा, रेलवे स्टेशन से बस अड्डा, टाउन हाल से कादरीगेट, रेलवे स्टेशन से सेंट्रल जेल, जसमई पुलिस चौकी से रेलवे स्टेशन आईटीआई चौराहा होकर बस अड्डा, रेलवे स्टेशन से पांडाल घाट, बस अड्डा से लोहिया अस्पताल, बस अड्डा से टाउन हाल शामिल है। इसके अलावा लालगेट से पांचाल घाट, टाउन हाल से चिलसरा मार्ग, टाउन हाल से कायमगंज मार्ग, रेलवे स्टेशन से जसमई मार्ग की ओर, आईटीआई चौराहे से सातनपुर होकर सेंट्रल जेल, भोलेपुर क्रॉसिंग से सेंट्रल जेल मार्ग शामिल है। इसके साथ ही भोलेपुर बिजलीघर से मसेनी होकर पांचाल घाट, लोहिया अस्पताल से मसेनी होकर पांचाल घाट, कादरीगेट से लोहिया अस्पताल, साहबगंज चौराहा से अंगूरीबाग होकर भैरों मंदिर या माधवपुर, नाला मछरट्टा से हैवतपुर गढि़या कांशीराम कालोनी, फतेहगढ़ चौराहे से कैंट होकर पांचाल घाट रूट शामिल हैं।
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वर्जन
ई-रिक्शों पर यूनिक नंबर डाल दिए थे। इससे किसी भी तरह के अपराध में शामिल होने पर तुरंत जानकारी हो जाती है। अब रूट नंबर पालिका को डालना है। उन्होंने नंबर डालना क्यों बंद कर दिए, इसकी जानकारी नहीं है।
-सतेंद्र कुमार, यातायात उपनिरीक्षक, फर्रुखाबाद।
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-जब तक पुलिस का सहयोग मिला, तब तक शिविर लगाकर 1650 ई-रिक्शों पर यूनिक नंबर डाले गए। बिना पुलिस के ई-रिक्शा नहीं रोके जा सकते। जब पुलिस का सहयोग मिलेगा, तो रूट नंबर डालने का काम शुरू कर देंगे।
-विनोद कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद।