फर्रुखाबाद। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गंगा तट पर भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने गंगा में श्रद्धा की डुबकी लगाई और गुरु का आशीर्वाद लिया। गैर जिलों से भीड़ पहुंचने से जाम लग गया। वाहन कई घंटे फंसे रहे। लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पांचाल घाट के दोनों ओर तटों पर सुबह पांच बजे से ही हर-हर गंगे के उद्घोष सुनाई देने लगे। गंगा में पानी अधिक होने से सुबह छह बजे लोग बीच टापू पर स्नान करने पहुंचने लगे।
पांचाल घाट पर हरदोई, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, मैनपुरी, इटावा के अलावा मध्य प्रदेश के भिंड, ग्वालियर आदि कई शहरों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। गंगा तट पर लोगों ने सत्यनारायण कथा करके यज्ञ किया। बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए गए। दुर्वासा ऋषि आश्रम रोड पर दोपहिया, चौपहिया वाहनों की संख्या अधिक होने की वजह से जाम लग गया। लोगों को निकलने में घंटों लग गए। सूचना मिलने पर करीब साढ़े सात बजे पुलिस बल पहुंचा। इसके बाद उस रोड पर वाहनों को जाने से रोक दिया गया।
वाहन जब उस रोड पर रोके गए, तो पुल पर वाहनों के पहिये थम गए। जाम इतना ज्यादा लगा कि चाचूपुर से मसेनी चौराहे तक बसों, ट्रकों, कारों, ट्रैक्टर ट्रालियों आदि वाहनों की कतारें लग गईं। इसके बाद पुलिस ने मसेनी चौराहे से ही वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। दोपहर बाद ही यातायात सामान्य हो सका। दिन भर पांचाल घाट पर स्नान करने वालों की भीड़ लगी रही।
गंगा तट पर तमाम भक्तों ने भंडारे का आयोजन भी किया। लोगों को बुला-बुलाकर प्रसाद खिलाया और पुण्य फल अर्जित किया। आश्रमों में बड़ी संख्या में लोग संतों के दर्शन करने पहुंचे। बढ़पुर देवी मंदिर में सुबह से ही माता के दर्शन के लिए लोग पहुंचे। पल्ला मठिया, गुरुगांव और पांडवेश्वर नाथ शिवालय में भी भक्तों की खासी संख्या रही।
सेवा परमो धर्म: फाउंडेशन ने बाबा नीबकरोरी आश्रम में सुंदर कांड का पाठ किया। इसके बाद प्रसाद बांटा गया। प्रसाद लेने वालों को फाउंडेशन के सहयोगियों ने मास्क भी दिए। मंदिर पुजारी रामलखन बाजपेई की मौजूदगी में केदार शाह, पंकज कुमार, आदित्य राणा, धर्मेंद्र सिंह, सुधाकर, सचिन आदि का सहयोग रहा। (संवाद)