फर्रुखाबाद। घरेलू महिलाएं हो या व्यापारी आज जारी होने वाले बजट को लेकर सभी आशावान हैं। पेश होने वाले बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। सरकारी नौकरी कर्मचारी पेशे वाले, जहां इनकम टैक्स में राहत मिलने की आस लगाए बैठे हैं तो गृहणियां रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों पर अंकुश लगाने की बात कह रही हैं। जनपद के जरी-जरदोजी कारोबारी कच्चे माल पर जीएसटी छूट की मांग कर रहे हैं। बिल्डिंग मैटेरियल वालों का कहना है कि बजट में महंगाई का ध्यान रखा जाए। बजट को लेकर प्रस्तुत हैं बातचीत के अंश
रोजमर्रा की चीजों के दाम हों कम
महंगाई बेकाबू हो चुकी है। रसोई का तो पूरा बजट ही गड़बड़ा गया है। सब्जियों से लेकर राशन और तेल, सभी के दाम आसमान छू रहे हैं। अब आने वाले बजट से आस है कि शायद रोजमर्रा की चीजों के दाम थोड़े कम हो जाएं। बिजली यूनिट के रेट भी कम हो। -नीतू सिंह, गृहिणी
घरेलू वस्तुओं पर लगने वाली जीएसटी हो कम
प्रस्तुत होने वाले बजट में महंगाई के बारे में सरकार को जरूर ध्यान देना चाहिए। घरेलू उपयोग में लाई जाने वाली वस्तुओं में जीएसटी दरों को कम किया जाए। इससे महंगाई पर अंकुश लगेगा। रसोई गैस सिलिंडर के दाम कम हों। -प्रीतम प्रसाद, गृहिणी
कम से कम कच्चे माल पर ही जीएसटी हो जाए कम
प्रस्तुत होने वाले बजट में जरी-जरदोजी कारोबार को जीएसटी फ्री रखा जाए। इससे व्यापार बढ़ेगा। पहले हैंडवर्क पर टैक्स नहीं देना होता था। कच्चे मैटेरियल पर जीएसटी कम की जाए। -मुजफ्फर हुसैन रहमानी, अध्यक्ष, जरी-जरदोजी व्यापार मंडल
जीएसटी कम न हुई तो जरदोजी व्यापार हो जाएगा खत्म
जरी-जरदोजी पर जिस तरह से जीएसटी ली जा रही है, अगर उसे कम न किया गया तो जनपद से यह व्यापार भी धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा। सरकार को इस ओर ध्यान देते हुए जरदोजी व्यापार को टैक्स फ्री रखना चाहिए। -नदीम खां, महासचिव, जरी-जरदोजी व्यापार मंडल
इनकम टैक्स में सरकार दे राहत
सरकार इनकम टैक्स में राहत दे। महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए उचित कदम उठाए। उच्च शिक्षा कोर्स की फीस में सरकार राहत दे। इससे होनहार गरीब परिवार के विद्यार्थी भी अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। -नीरज कुमार, शिक्षक
स्वास्थ्य व जीवन बीमा से हटाई जाए जीएसटी
इनकम टैक्स में छूट दी जाए। 80 सी की सीमा डेढ़ लाख से बढ़ाकर ढाई लाख की जाए। स्वास्थ्य बीमा व जीवन बीमा से जीएसटी हटाई जाए। सरकार जो बजट प्रस्तुत करे, उसमें आम आदमी का ध्यान रखे। -सत्येंद्र सिंह, शिक्षक
बिल्डिंग मैटेरियल के दाम घटें
मौरंग, सरिया व सीमेंट पर महंगाई की मार है। इससे लोगों का घर बनाना मुश्किल हो गया है। कल जो सरकार बजट प्रस्तुत करे, उसमें मौरंग, सरिया व सीमेंट के दामों का ध्यान रखे। बढ़ाने के बजाए दाम घटाने की कोशिश करे। -प्रणव दुबे, बिल्डिंग मैटेरियल विक्रेता