फर्रुखाबाद। तापमान में हो रही बढ़ोतरी से मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। मरीजों को टूटे बेड पर लिटाया जा रहा है। यही नहीं उन्हें चादर भी नसीब नहीं है। गुरुवार को भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर 138 तक पहुंच गई है। ऐसे में बर्न वार्ड में भी सामान्य मरीजों को भेजना अस्पताल प्रशासन की मजबूरी हो गया है।
बढ़ती गर्मी के चलते खांसी, जुकाम, बुखार के साथ उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मंगलवार को लोहिया अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 131 थी, जबकि गुरुवार को 138 पहुंच गई। बढ़ते मरीजों के चलते व्यवस्थाएं भी ध्वस्त होती दिख रही हैं। अस्पताल में जनरल एफ-7 वार्ड का 36 नंबर बेड टूटा है।
शुक्रवार शाम उस पर मरीज को भर्ती किया गया, मगर वह टूटा था। लिहाजा बेड के नीचे एक स्टूल लगाने के बाद मरीज को लिटाया गया। इस वार्ड के बगल में ही नेत्र रोग वार्ड-आठ है। उसमें 17 तारीख को भर्ती की गईं मोहम्मदाबाद के दाउदपुर नदसा की आर्येंद्र कुमारी ने बताया कि उन्हें अभी तक बेडशीट नहीं मिली है।
लिहाजा बिना बेडशीट के ही गद्दे पर अधिक गर्मी लगती है। वह मारपीट की घटना के बाद घायल अवस्था में भर्ती कराई गई थीं। इसी वार्ड में एक बेड पर भर्ती कंपिल के जिजौटा पहा़ड़पुर की पूजा ने बताया कि वह ऑपरेशन कराने के बाद शनिवार को भर्ती हुई थीं। उन्हें अभी तक चादर नहीं मिली। इलाज कराना मजबूरी है। कई बार कहने पर भी किसी ने नहीं सुनी।
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पांच वार्डों में नहीं लगे कूलर, उबल रहे मरीज
नेत्र व सर्जिकल के सात वार्ड हैं। इनमें से पांच वार्डों में अभी तक कूलर की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है। ऊपरी मंजिल होने की वजह से इन वार्डों में भीषण गर्मी रहती है। इससे रात-दिन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिन वार्डों में कूलर लगे हैं, वह बिना पानी के ही चलाए जा रहे हैं। क्योंकि अधिकांश की टंकी लीकेज होने से वार्डों में पानी बहने लगता है।
सुबह ही सभी वार्डों का राउंड ले लेते हैं। जहां भी दिक्कत है, वहां नोटिंग करके संबंधित पटलों को समस्या समाधान के लिए लिखते हैं। तय समय सीमा में दोबारा निरीक्षण करेंगे। यदि बेड टूटा है, तो बदला जाएगा और चादरें भी मिलेंगी।
- डॉ. अशोक प्रियदर्शी, सीएमएस, लोहिया जिला अस्पताल