आधार कार्ड बनवाने को सड़क पर सारी रात गुजारी।
फर्रुखाबाद । सरकारी सुविधा लेनी हो या योजनाओं में भागीदारी, किसी भी दफ्तर में अन्य कागजों के साथ आधार कार्ड की पहली जरूरत है। अब बैंकों व डाकखानों में बनाए जाने से आधार कार्ड बनवाना टेढ़ी खीर हो गई है। गुरुवार रात आईसीआईसीआई बैंक के बाहर आधार कार्ड बनवाने के लिए दूरदराज से आए ग्रामीणों ने सड़क किनारे पटिया पर लेटकर रात बिताई। सुबह भीड़ और बढ़ गई। गार्ड ने वरीयता सूची में 22 लोगों के ही नाम दर्ज किए। इससे शेष लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।आधार कार्ड आम आदमी के जीवन का आधार बन गया है। इससे हर सरकारी दफ्तर में कोई कागज दाखिल करने से पहले आधार की मांग होती है। इन दिनों सरकार की विभिन्न योजनाओं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना, उज्ज्वला आदि का लाभ लेना हो या राशन कार्ड बनवाना हर किसी में आधार कार्ड लगाना होता है।बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए भी आधार कार्ड लगता है। इन दिनों आधार कार्ड बैंक व डाकखानों में ही बनाए जा रहे हैं। सुबह से ही भीड़ हो जाती है। इसके चलते लोगों का नंबर नहीं आ पाता है और बैंक में काम बंद हो जाता है।
इससे लोग रात में ही वहां पहुंचकर लाइन में लग जाते हैं। गुरुवार फतेहगढ़ चौराहे के निकट स्थित आईसीआईसीआई बैंक के बाहर शमसाबाद, कमालगंज, अमृतपुर आदि स्थानों से पहुंचे लोगों ने बैंक के बाहर डेरा डाल दिया। नाली की पटिया पर चादर के सहारे रात गुजारी। सुबह तक भीड़ बढ़ी तो 150 से अधिक लोगों की लाइन लग गई। बैंक गार्ड ने आधार कार्ड बनवाने को वरीयता सूची बनाई।
इसमें मात्र 22 नाम नोट किए और बाहर बोर्ड पर सूची पर नाम लिख दिए। इससे लाइन में लगे अन्य लोग मुंह ताकते रह गए। गार्ड ने बताया कि 22 कार्ड बन जाने के बाद दूसरी सूची बनायी जाएगी।
फिलहाल शाम तक दूसरी सूची नहीं बन सकी। वहीं सूची में शामिल कमालगंज के नितेश, शहर के मोहल्ला बजरिया निवासी पूजा, शमसाबाद की कांती आदि ने बताया कि आधार कार्ड बनवाने को उनका शाम तक नंबर आने की बात कही गई है।
50 रुपये फीस लगती है। वहीं दूरदराज से आए सौरभ गुप्ता, संजय गुप्ता, विमलेश, राजू, विवेक सक्सेना, धीरोज कुमार आदि ने बताया कि वह लोग रात में बैंक के बाहर लेटे रहे। सुबह लाइन लगी तो मात्र 22 लोगों के नाम की सूची बनायी गई। इससे वह लोग सूची में भी शामिल नहीं हो सके। काफी लोग वापस जा चुके हैं।
आईसीआईसीआई बैंक के उपशाखा प्रबंधक विनोद कुमार ने बताया कि सुबह 9.30 से शाम 4.30 बजे तक आधार कार्ड बनाए जाते हैं। एक कर्मचारी द्वारा प्रतिदिन 50 कार्ड ही बन पाते। इनमें बैंक के खाताधारक व सैनिक भी शामिल हैं।इससे बाहरी कार्ड 25 से 30 ही बनाए जा पा रहे हैं। अगस्त 2018 से बैंक व डाकखानों को आधार कार्ड बनाने की जिम्मेेदारी दी गई है। इन दिनों आधार कार्ड बनवाने को काफी भीड़ भी लग रही है।