फर्रुखाबाद। संदिग्ध हालात में झुलसी महिला की मंगलवार की रात अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने मृतका के परिजनों से बकाया फीस मांगी तो ससुराल और मायके वाले शव अस्पताल में छोड़कर भाग गए। मामले की सूचना अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को दी।
जिला मैनपुरी थाना बेवर के गांव भरतपुर निवासी संध्या (25) पत्नी दिनेश कुमार नौ अक्तूबर को संदिग्ध हालात में झुलस गई थी। पति ने उसे आवास विकास कालोनी के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था। यहां उसका उपचार चल रहा था। इस दौरान अस्पताल प्रशासन का करीब 30 हजार रुपये हो गया। अस्पताल प्रशासन मरीज के परिजनों से इलाज के रुपये जमा कराने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे।
मंगलवार की रात महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर पर मायके और ससुराल वाले अस्पताल से खिसक लिए। बुधवार की सुबह जब अस्पताल प्रशासन को पता चला कि परिवार का कोई भी व्यक्ति नहीं है तो सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर आईटीआई चौकी प्रभारी रामजीवन यादव शव का पंचनामा भरने के लिए पहुंचे। यहां पर किसी के न होने पर दरोगा ने अस्पताल के डाक्टर से शव का अंतिम संस्कार किए जाने के लिए ढाई हजार रुपये की मांग की। इस पर डाक्टर ने परिजनों का इंतजार करने की बात की। इसके साथ ही मजिस्ट्रेट के न होने के कारण शव का पंचनामा शाम तक नहीं भरा जा सका।