कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं को मट्ठा आलू की सब्जी खिलाकर
कागजों में मटर-पनीर दर्शाया जा रहा है। यह हकीकत रविवार को जिला बेसिक
शिक्षा अधिकारी के निरीक्षण में खुली। बीएसए ने मुख्य रसोइया और वार्डन को
नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय
राजेपुर का रविवार को बीएसए योगराज सिंह ने औचक निरीक्षण किया। विद्यालय
में छात्राओं को दिए जाने वाले भोजन मेन्यू में रविवार को मटर पनीर की
सब्जी लिखी थी। असलियत में मट्ठा आलू की सब्जी, खीर, पूड़ी व कचौड़ी बनाई
गई थी। हरी सब्जी नहीं बनी थी। छात्राओं के लिए खाना लंच से दो घंटे पहले
बनाकर रख लिया गया था।
विद्यालय भवन की दीवारों में पानी की सीलन मिली।
बीएसए ने राशन के स्टाक का निरीक्षण किया। सभी प्रकार की दालों का स्टाक 10
से 15 किलोग्राम मिला। 75 किलोग्राम चीनी, आठ किलोग्राम सोयाबीन, आठ बोरी
(प्रति पैकेट 25 किलो) चावल, 15 बोरी आटा व अन्य सभी प्रकार की खाद्य
सामग्री का स्टाक था। प्रयोग न होने के कारण चार बोरी आटा खराब हो गया था।
आपूर्ति के संबंध में वार्डन बीएसए को सही जानकारी नहीं दे पाईं। बक्सों
में रजाई व अन्य कपड़े बुरी तरह से रखे थे। इनको चूहों ने काट कर खराब कर
दिया था। रसोई व अन्य कपड़ों की हालत देख बीएसए ने वार्डन से नाराजगी
जताई।
बीएसए ने बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में रविवार
को मटर पनीर की सब्जी खिलाए जाने का हर बार बिल पास होने के लिए आता था।
छात्राओं को ये सब्जी दी जाती है या नहीं, ये जानने के लिए औचक निरीक्षण
किया। इसमें
फर्जीवाड़ा मिला। खाद्य सामग्री और गर्म कपड़ों का रखरखाव सही
नहीं मिला। छात्राओं को गर्म भोजन कराने के कई बार आदेश दिए गए हैं। रसोइया
खाना बनाकर रख लेती हैं। छात्राओं क ो ठंडा खाना दिया जाता है। वार्डन और
रसोइया को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। दीवार की मरम्मत कराने के लिए
स्टीमेट मांगा है। रसोइयों के नवीनीकरण में आदेश की अवहेलना पर विचार किया
जाएगा।