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एक साल में नहीं बन सका पैंटून पुल

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मौलियाघाट पर रामगंगा पुल पर अधूरा पड़ा पैंटून पुल का निर्माण। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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अमृतपुर। रामगंगा पर एक साल से बन रहा पैंटून पुल पूरा नहीं हो सका। इससे लोग अल्लाहगंज आने-जाने के लिए 20 किलोमीटर की दूरी तय करने पर मजबूर हैं।
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शासन ने एक साल पहले तहसील क्षेत्र के गांव महोलिया घाट पर रामगंगा में पैंटून पुल बनाने की स्वीकृति दी थी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है। पीडब्ल्यूडी ने कासगंज की एक कार्यदायी संस्था को काम करने का ठेका दिया है। पिछले साल इस पैंटून पुल को चालू करना था, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से ऐसा न हो सका। इस साल के दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन पैंटून पुल को चालू करना तो दूर निर्माण कार्य की शुरुआत करना भी जरूरी नहीं समझा गया। पुल न बन पाने से कई गांवों के लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। पुल बन जाए तो करनपुर दत्त, मोकलपुर, महुलिया, लभेड़ा, अलादपुर भटौली, मुजहा आदि कई गांवों के लोगों को काफी सहूलियत होगी।
पीडब्लूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन बिजेंद्र चौधरी ने बताया कि पैंटून पुल निर्माण का काम निर्माण खंड द्वारा करवाया जा रहा है। निर्माण खंड के एक्सईएन अवकाश पर है। उनका चार्ज मेरे पास है। काम किस कारण रुका है, इसकी जानकारी की जाएगी।
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गांव महुलिया के देवेंद्र सिंह सोमवंशी ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी के चलते पैंटून पुल का निर्माण नहीं हो पा रहा है। पुल बनने से हम लोगों को फसल काट कर घर लाने में भी आराम होगा। बारिश शुरू होने पर ग्रामीण नाव से रामगंगा पार कर अल्लाहगंज जाने पर मजबूर हैं।
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करनपुर दत्त के निरभान सिंह का कहना है कि महुलिया घाट पर पैंटून पुल चालू हो जाए, तो हम लोगों को अल्हागंज पहुंचने में काफी आसानी होगी। अफसरों की लापरवाही और मनमानी का खामियाजा ग्रामीण 20 किलोमीटर की दूरी तय कर भुगत रहे हैं।

मौलियाघाट पर नाव से रामगंगा पार करता बाइक सवार। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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