फर्रुखाबाद। कायमगंज की ग्राम पंचायत कटिया में सात साल पहले बना पंचायत भवन बिना आदेश के ही ध्वस्त करा दिया गया। अभी भवन का हस्तांतरण भी नहीं हुआ था। झूठी रिपोर्ट के सहारे नया पंचायत भवन भी स्वीकृत करा लिया गया। वहीं, पुराना शौचालय गिराकर नये सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी कराया गया है। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने पर खलबली मची है।
जनपद में एक वर्ष से सरकारी भवनों को बिना आदेश गिराने की परंपरा चल रही है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत छह स्कूलों के भवन बिना आदेश गिराकर ग्राम पंचायत निधि से नियम विरुद्ध बनवा लिए गए। वहीं, कायमगंज की ग्राम पंचायत कटिया में वर्ष 2014-15 में बीआरजीएफ योजना के तहत बने पंचायतघर को भी बिना आदेश ध्वस्त करा दिया गया। करीब 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित पंचायत भवन को न तो जर्जर घोषित कराया गया और न ही नीलामी प्रक्रिया की गई।
भवन ध्वस्तीकरण में निकला मलबा भी बेच दिया गया। उसे भी नीलाम नहीं कराया गया। खास बात तो यह है कि गांव में पंचायत भवन न होना (निल) दिखाकर नया भवन भी स्वीकृत करा लिया गया। इसके अलावा वर्ष 2008 में एक लाख 60 हजार रुपये की लागत से बना शौचालय भी बिना आदेश के ही ध्वस्त कराया गया। अब गांव में नये सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है।
डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत कटिया में बिना आदेश पंचायत भवन ध्वस्त कराए जाने का मामला संज्ञान में आया है। ध्वस्तीकरण का कोई आदेश नहीं किया गया था। बीआरजीएफ के तहत बने पंचायत भवन का अभी तक हस्तांतरण भी नहीं हुआ है। शौचालय भी बिना आदेश के ही गिराया गया। मामला गंभीर है। इसकी गहनता से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।