कमालगंज। इन दिनों बाजार में धान का कम मूल्य मिलने से किसान मायूस हैं। त्योहार पर रुपयों की जरूरत होेने से किसान बाजार में सस्ते में अपना धान बेच रहे हैं। जबकि धान की सरकारी खरीद में अच्छा मुनाफा होगा, लेकिन सरकारी खरीद एक नवंबर से शुरू होगी।
किसानों का कहना है कि ब्लॉक में सरकारी खरीद केंद्र खुल जाए तो धान का अच्छा दाम मिल सकेगा। न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत धान के सरकारी खरीद रेट में इस बार सरकार ने बढ़ोतरी की है। सामान्य धान का सरकारी खरीद रेट 2300 से बढ़ाकर 2369 रुपये क्विंटल किया गया है।
ग्रेड-ए धान का 2320 से बढ़ाकर 2389 रुपये क्विंटल भाव किया गया। सरकारी खरीद एक नवंबर से शुरू होनी है, लेकिन खरीद शुरू होने की तिथि से पहले ही बाजार मंदी की गिरफ्त में है। सरकारी खरीद में जो मोटा धान लिया जाना है। वह मंडी के बाजार में 1750 रुपये क्विंटल है। यह मूल्य सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 600 रुपये क्विंटल कम है। इससे सरकारी खरीद से पहले धान बेचने वाले किसान मायूस हैं।
सरकारी खरीद में लिए जाने वाले मोटे धान की किस्म उगाने वाले क्षेत्रीय किसान इस बात से चिंतित हैं कि भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में इस बार एक भी सरकारी क्रय केंद्र नहीं बनाया गया है। कमालगंज में क्रय केंद्र खोलने की मांग की जा रही है। आढ़ती संघ के पूर्व अध्यक्ष संजय कमल का कहना है कि धान की सभी प्रकार की किस्मों के भाव बाहर की मंडियों में बुरी तरह टूटे हुए हैं। क्रय केंद्र समय से खुल जाए तो बेहतर होगा।