फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएचसी में लगे ऑक्सीजन प्लांट मरीजों के नहीं आ रहे काम

विज्ञापन
सीएचसी मोहम्मदाबाद में लगा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों ऑक्सीजन प्लांट किसी के काम नहीं आ रहे हैं। इससे गंभीर मरीजों को सीधे रेफर किया जा रहा है।
विज्ञापन

वहीं लोहिया अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट भी तीन दिन से खराब पड़ा है। वहां मरीजों को सिलिंडर से ऑक्सीजन दी जा रही है।
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की हायतौबा से सरकार ने सबक लिया।
तीसरी लहर आने से पहले ही जनपद के लोहिया अस्पताल, सीएचसी फतेहगढ़, बरौन, राजेपुर, मोहम्मदाबाद व कमालगंज में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे। समय-समय पर मॉक ड्रिल कर इनकी सक्रियता भी देखी जाती है।
प्रत्येक मॉकड्रिल में कुछ न कुछ कमी मिलती है, जिसे बाद में सही करवाने का दावा कर दिया जाता है।
हकीकत यह है कि किसी भी सीएचसी पर गंभीर मरीज का इलाज ही नहीं किया जाता, उसे लोहिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीज को ऑक्सीजन देने की नौबत ही नहीं आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सितंबर 2021 में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। यहां पहले बिजली की समस्या रही।
जनरेटर लगा तो वह प्लांट का लोड ही नहीं उठा पाया। फिर इंजीनियरों ने बताया कि बिना स्टेब्लाइजर प्लांट चलना मुश्किल है।
उसका मांग पत्र भेजा जा चुका है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ गौरव ने बताया कि 12 बार मॉक ड्रिल हो चुकी हैं। प्लांट बिल्कुल सही है।
अभी तक किसी भी मरीज को प्लांट से ऑक्सीजन नहीं दी गई। गंभीर मरीज आने पर उसे एंबुलेंस में ही ऑक्सीजन देकर रेफर कर दिया जाता है।
राजेपुर प्रतिनिधि के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगे ऑक्सीजन प्लांट से 15 बेड पर ऑक्सीजन आपूर्ति कर इलाज की व्यवस्था है।
प्लांट के लिए अभी तक जनरेटर ही नहीं खरीदा गया। वहां लगे जेनरेटर की प्लांट के साथ अस्पताल का पूरा लोड उठाने की क्षमता नहीं है।
सीएचसी प्रभारी डॉ प्रमित राजपूत ने बताया कि प्लांट चालू है। अभी तक किसी मरीज को ऑक्सीजन देने की जरूरत नहीं पड़ी। प्लांट का जनरेटर अभी नहीं आया है। आवश्यकता पड़ने पर बिजली या अस्पताल के जनरेटर से प्लांट चालू किया जाएगा।
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि अस्पतालों में लगे ऑक्सीजन प्लांट चालू हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को ऑक्सीजन दी जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि जनपद में डॉक्टर व विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से भी संसाधनों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें