फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में ऑक्सीजन की किल्लत बढ़ती जा रही है। मौजूदा समय में सात सिलिंडर ही शेष बचे हैं। अस्पताल प्रशासन ने नये मरीजों को लेने से इनकार कर दिया है। तीमारदारों का गुस्सा बढ़ा हुआ है। तनाव को देखते हुए अस्पताल में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
लोहिया अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। अस्पताल के करीब 40 बेड फुल हैं। आधे से ज्यादा मरीज ऑक्सीजन पर चल रहे हैं। ऐसे में रविवार को आई ऑक्सीजन लगभग खत्म होने वाली है। मरीजों को सैफई रेफर किया जा रहा है। इमरजेंसी में पड़े चार बेडों में छह-छह मरीजों को लिटाकर इलाज करना डॉक्टरों की मजबूरी है। सोमवार शाम करीब चार बजे एक गंभीर मरीज को रेफर करने पर उसके परिजन बिफर गए। सूचना पर आवास विकास चौकी पुलिस पहुंची। उन्होंने तीमारदारों को समझा कर शांत किया।
इनसेट
‘ऑक्सीजन के सिर्फ सात सिलिंडर बचे हैं। जो मरीज भर्ती हैं, उनकी जान बचाना मेरी पहली प्राथमिकता है। बिना ऑक्सीजन के यहां पड़े रहने से अच्छा है बड़े अस्पताल में पहुंचकर इलाज शुरू हो जाना। उच्चाधिकारी ऑक्सीजन के इंतजाम में लगे हैं।’
-डॉ. अरिदमन सिंह, ईएमओ, लोहिया पुरुष अस्पताल।
निजी अस्पताल भी हाथ कर रहे खड़े
शहर के निजी अस्पतालों में भले ही कोरोना बेड बनाने के डीएम ने निर्देश दिए हों, मगर स्थिति असंतोषजनक है। आवास विकास तिराहा स्थित एक अस्पताल में भर्ती आवास विकास निवासी राजेंद्र सिंह के परिजनों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने शाम चार बजे ऑक्सीजन खत्म होने की बात कह दी। अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर चार-पांच अन्य मरीज भी भर्ती हैं। अन्य अस्पतालों में भी ऑक्सीजन न होने से दिक्कत है।
दोनों एजेंसियों पर नहीं है ऑक्सीजन
शहर में ऑक्सीजन की दो एजेंसियां हैं। दोनों ही एजेंसियों पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है। काफी प्रयास के बावजूद ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।