फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा थानाध्यक्ष, दरोगा पर ग्रामीण ने पुत्री से थाने में छेड़छाड़ और महिला सिपाही पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उसने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अदालत में अर्जी दायर की है। न्यायाधीश ने मऊदरवाजा थाने से आख्या मांगी है।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र निवासी ग्रामीण ने थानाध्यक्ष जय प्रकाश शर्मा, दरोगा अमित कुमार शर्मा व सिपाही प्रीती के खिलाफ विशेष अदालत पॉक्सो एक्ट में अर्जी दायर की है। इसमें कहा कि गांव के दो युवक उसकी 15 वर्षीय पुत्री को 24 अक्तूबर 2020 को ले गए थे।
दोनों ने पुत्री को कायमगंज निवासी एक युवक को 50 हजार रुपये में बेच दिया था। इसके बाद तीनों युवक उसे गाजियाबाद ले गए। वहां डेढ़ माह तक बेहोशी हालत में रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने जब घटना की रिपोर्ट नहीं लिखी, तब कोर्ट में अर्जी दायर की थी। 20 नवंबर 2020 को कोर्ट ने रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया।
एसओ ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 16 दिसंबर को आरोपी अरुण के साथ गाजियाबाद से पुत्री को पुलिस ने पकड़ लिया और थाने लाकर हवालात में बंद कर दिया। 16 से 19 दिसंबर तक पुत्री को थाने में बैठाए रखा। उसके साथ एसओ व दरोगा ने छेड़छाड़ की। एसओ, दरोगा व महिला सिपाही ने आरोपियों के पक्ष में बयान देने के लिए धमकाया। किसी परिजन को न मिलने दिया और न उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया।
19 दिसंबर को पुत्री को डरा धमका कर सीजेएम कोर्ट में 164 के बयान कराए। आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पुलिस कर्मियों ने अपने पद का दुरुपयोग किया। पीड़ित पिता के अधिवक्ता जितेंद्र कुमार सिंह चौहान ने कोर्ट में दलीलें पेश कीं। न्यायाधीश ने मऊदरवाजा थाने से आख्या मांगी है।
‘आरोप निराधार है। जो मुकदमा दर्ज कराया था, उसमें पाड़िता नाबालिग दिखाई गई थी जबकि उसका फरवरी में ही विवाह हो गया था। वह एक रिश्तेदार के यहां रह रही थी। लड़की का परिवार दूसरे पक्ष से रुपये ऐंठना चाहता था। जांच अधिकारी ने मुकदमे में एफआर लगा दी। इसीलिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।’
-जेपी शर्मा, इंस्पेक्टर, मऊदरवाजा