फर्रुखाबाद। मौरंग व गिट्टी के कोरोबार में जनपद में राना सरकार की बादशाहत कायम है। सांसद निधि से हुए निर्माण कार्यों में मौरंग व गिट्टी के रेट को लेकर सांसद के पुुत्रों व भतीजे से छह माह पहले राना का विवाद हो गया था। जिसकी रार अब तक चली आ रही है। इसमें दूसरे दलों के लोग राना के समर्थन में आ गए है।
लगभग छह माह पहले मौरंग व गिट्टी के रेट को लेकर सांसद पुत्रों व भतीजे से विक्रांत उर्फ राना की कहासुनी हो गई थी। इसकी शिकायत मिलने पर सांसद मुकेश राजपूत ने तल्ख लहजे में मोबाइल से विक्रांत उर्फ राना से बात कर भाजपा सरकार होने की बात कही थी। राना ने सांसद से हुई बातचीत का आडियो वायरल कर दिया था। जो खबरों में सुर्खियों में बना रहा। इसके बाद से सांसद व राना के बीच में मनमुटाव बड़ता चला गया।
गुरुवार को सांसद के नौकर ने राना की दुकान के बाहर जाकर गालीगलौज की। विरोध में विक्रांत ने सांसद को संबोधित कर गाली दी और इसका खुद वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। सांसद के नौकर की तहरीर पर राना के खिलाफ मऊदरवाजा थाने में शुक्रवार को एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। सांसद पुत्र अर्पित राजपूत ने शनिवार को राना के खिलाफ जानमाल की धमकी व गालीगलौज करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
फर्रुखाबाद। राना को मौरंग का कारोबार करते हुए लगभग दो दशक हो गए है। मौरंग की दलाली से लेकर बेचने से शुरू किए काम को राना ने कुछ वर्षों में ही चार चांद लगा दिए। ठेकेदारों को उधारी में मौरंग व गिट्टी देकर विभाग से भुगतान होने पर ही राना ठेकेदारों से अपना रुपया लेता है। इसके कारण जनपद के सभी ठेकेदारों को राना ही मौरंग व गिट्टी सप्लाई करता है। झांसी, ग्वालियर से आने वाली गिट्टी व जालौन से आने वाली मौरंग के ट्रक चालकों को राना नगद भुगतान करता है। इसके कारण ट्रक वाले भी राना को ही अपना माल बेचने पसंद करते हैं।