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सैनिटाइजर व मास्क की खरीद में शासन से जांच के आदेश

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सैनिटाइजर व मास्क की खरीद में जांच के आदेश
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फर्रुखाबाद। कोरोना संकट से निपटने को जनप्रतिनिधियों ने अपनी निधि से स्वास्थ्य विभाग को 1.45 करोड़ रुपये दिए थे। स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में तैनात एक फार्मासिस्ट के जरिए मास्क व सैनिटाइजर की खरीद में मनमाने दाम के बिल बनवाए गए। इससे पर्दा उठा तो भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष ने शासन से शिकायत की। शासन से आदेश आने पर डीएम ने प्रकरण की जांच सीडीओ को सौंपी है।
भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक कटियार एडवोकेट ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मास्क व सैनिटाइजर की खरीद में किए गए भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग की थी। आरोप लगाया था कि स्वास्थ्य विभाग ने मास्क की खरीद खुले बाजार की तुलना में काफी अधिक कीमत पर की। सैनिटाइजर भी अधिक कीमत पर थोक में खरीदा गया।
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200 मिली की जगह 100 मिली की आपूर्ति कर गंभीर वित्तीय अनियमितता की गई है। उन्होंने टीएसी(टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी) से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ रिकवरी की मांग की थी। पांच जून को मुख्यमंत्री के विशेष सचिव ने जिलाधिकारी को कार्रवाई के आदेश दिए। विदित है कि सीएमओ कार्यालय के स्टोर से संबद्ध फार्मासिस्ट की जनप्रतिनिधियों की निधि से की गई खरीद में मुख्य भूमिका रही। डीएम मानवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए वह मुख्य विकास अधिकारी को लिख रहे हैं।
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