फर्रुखाबाद। ऑफिसर्स क्लब फतेहगढ़ में तहसील सदर के हुए संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने शिकायतें सुनीं। इसमें लिंक एक्सप्रेसवे में भूमि अधिग्रहण का विरोध कर ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की।
बिजली विभाग में शिकायत का फर्जी निस्तारण करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, एसपी आरती सिंह व अन्य अधिकारियों के साथ शिकायतें सुन रहे थे। इसी दौरान मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी रामरूप तिवारी, विवेक दीक्षित, अर्जुन सिंह, लाखन सिंह, शोभित कुमार आदि ग्रामीण पहुंचे।
उन्होंने शिकायत कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे नगर खिमसेपुर, नगला बाग रठौरा, सिकंदरपुर के बीच से निकल रहा है। इससे ग्रामीणों के खेत प्रभावित हो रहे। भूमि का मूल्यांकन दो लाख रुपये प्रति बीघा किया जा रहा है जो काफी कम है। उन्होंने कहा कि उनका गांव नगर पंचायत में शामिल हो चुका।
ग्रामीणों ने बताया कि नगर पंचायत मोहम्मदाबाद के गांव रोहिला आदि में जमीन का सर्किल रेट 18.63 लाख रुपये प्रति बीघा है। सर्किल रेट में इतना बड़ा अंतर होने से मध्यम वर्गीय किसान बर्बाद हो जाएगा। करीब 250 ग्रामीणों के हस्ताक्षर की शिकायत में लिंक एक्सप्रेसवे दूसरे स्थान से निकालने या सर्किल रेट 25 लाख रुपये प्रति बीघा दिलाने की मांग की। जिलाधिकारी ने शासन तक उनका प्रस्ताव पहुंचाने का आश्वासन दिया।
वहीं, शहर के मोहल्ला डिग्गीताल निवासी भाजपा नेता ने बिजली विभाग द्वारा फर्जी आख्या लगाकर शिकायत का निस्तारण करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नौगवां कैंट निवासी ओमप्रकाश वर्मा ने बिजली कर्मियों द्वारा मीटर तोड़ने की शिकायत की। गांव कुंदन नगला निवासी रामवती ने पति के सुरेश के हाथ में गोली लगने के बावजूद पुलिस रिपोर्ट न होने की शिकायत कर पैनल से डॉक्टरी परीक्षण कराने की गुहार लगाई।
कुल 77 शिकायतों में दो का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। सीडीओ विनोद कुमार गौड़, एसडीएम रजनीकांत पांडेय, सीओ ऐश्वर्या उपाध्याय, तहसीलदार सनी कनौजिया आदि अधिकारी मौजूद रहे।
ट्रस्ट की आय का बंदरबांट रोकने की मांग
मोहल्ला अंगूरीबाग निवासी महेश चंद्र ने लेखपाल के मनमाने सर्वे से दो वर्ष से प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पूरा न हो पाने की शिकायत की। मोहल्ला ग्रानगंज निवासी आलोक गुप्ता ने कचहरी रोड स्थित रामचंद्र महाराज धर्मशाला से अवैध कब्जा हटवाने और ट्रस्ट की आय का बंदरबांट रोकने की मांग की।