अमृतपुर तहसील में भारतीय जनता पार्टी के धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों
ने गेहूं की फसल जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसद ने कहा कि
ओलावृष्टि और बरसात से किसानों की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है लेकिन लेखपाल
घर बैठे सर्वे कर रहे हैं। सदमे से किसान मर रहा है प्रदेश सरकार मौन है।
भाजपाइयों ने एसडीएम अमृतपुर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें ज्ञापन
देने से इनकार कर दिया। इसके बाद आए मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन दिया।
सांसद
मुकेश राजपूत के नेतृत्व में शुक्रवार को भाजपाइयों ने अमृतपुर तहसील में
किसानों को फसल का सही मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन
किया। सैकड़ों किसान अपने-अपने खेत से गेंहूं फसल के पुरा (छोटा गठ्ठर)
लेकर आए। प्रदर्शन के दौरान भाजपाइयों ने एसडीएम अमृतपुर के खिलाफ नारेबाजी
की। इन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देने
से ॅइनकार कर दिया। सूचना मिलने पर
पहुंचे सीडीओ एसएन शुक्ल को सांसद ने राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्रीय
ज्ञापन दिया। इस दौरान सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों का दुख-दर्द
सुन रही है लेकिन प्रदेश सरकार बेफिक्र है। केंद्र सरकार ने जहां 33
प्रतिशत फसल नुकसान पर भी मुआवजा दिए जाने की घोषणा की है वहीं प्रदेश
सरकार किसानों को मुआवजे के नाम पर 75-75 रुपये की चेक देकर उनका मजाक उड़ा
रही है। यही नहीं अमृतपुर तहसील में लेखपालों ने
घर बैठे ही नुकसान का
सर्वे कर लिया। कई किसानों के नाम छूट गए। एसडीएम ने भी लेखपालों की
रिपोर्ट सही मानकर डीएम को प्रेषित कर दी। उन्होंने दोबारा सर्वे को कहा।
कहा कि फसल का सर्वे करने में बीडीसी सदस्य व प्रधान भी लगें। इनसे लेखपाल
फसल बर्बादी की रिपोर्ट लें। सांसद ने प्रदेश सरकार पर भड़ास निकाली कि
किसानों की सदमे से मौतें हो रही हैं लेकिन उसे इसकी चिंता नहीं है।
धरना-प्रदर्शन के बाद किसानोें ने गेहूं की फसल के पुरा आग के हवाले करते
हुए
विरोध जताया। किसानों का कहना था कि उन लोगों को फसल बर्बादी का वाजिब
मुआवजा दिलवाया जाए।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष दिनेश कटियार, महामंत्री
विमल कटियार, भाष्करदत्त द्विवेदी, रामवीर शुक्ल, अनिल अवस्थी,
प्रभाकर
त्रिवेदी, रमेश राजपूत, नीरज अवस्थी, रनवीर वर्मा, रामनरेश मिश्र,
राजेंद्रप्रसाद अवस्थी, संतोष यादव और बलराज सिंह के अलावा सुरेशचंद्र,
लालाराम, मदनपाल, अशोक कुमार, जयचंद्र, सुशील कुमार, राधेश्याम, दृगपाल,
होरीलाल, गेंदालाल, जगदीशचंद्र और मुनेश्वरदयाल आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
एसडीएम ने फसलों का लिया जायजा
एसडीएम लालजी मिश्र ने उजरामऊ और डबरी गांव का निरीक्षण कर बर्बाद हुई फसल
का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि डबरी में 20 से 25 फीसदी और उजरामऊ में
30 से 40 प्रतिशत गेहूं की फसल बर्बाद हुई है। बताया कि उन्होंने लेखपालों
को निर्देश दिए हैं कि गांव-गांव जाकर फसल का सर्वे करें और पीड़ित
किसानों की सूची बनाएं। शिकायत मिलने पर लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की
जाएगी।