अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष पर जानलेवा हमले में
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और हत्या किए जाने की धमकी देने का मामला
गर्मा गया है। गुरुवार को अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष वकीलों के साथ एएसपी
को ज्ञापन देने पहुंचे। एएसपी ने ज्ञापन लेने से हाथ खड़े कर दिए।
इन्हाेंने
एसपी से मिलने का सुझाव दिया। उधर, सीओ मोहम्मदाबाद के राइफल जमा करने की
बात पर सपा नेता की सीओ से नोकझोंक हो गई। बाद में एसपी विजय यादव के आवास
पर जाकर उन्हें ज्ञापन दिया गया। वकीलाें ने कार्रवाई की मांग की है।
मोहम्मदाबाद
कोतवाली के गांव रोहिला निवासी अधिवक्ता सभा के जिला अध्यक्ष धीरज यादव
उर्फ पंकज की गांव के ही रंजीत यादव, मोहित यादव से रंजिश चल रही है। इसको
लेकर रंजीत और इनके साथियों ने 11 अप्रैल को धीरज यादव के ऊपर जानलेवा हमला
कर दिया था।
इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसी को लेकर रंजीत के
पक्ष से मोहम्मदाबाद के पूर्व नगर अध्यक्ष एवं सपा नेता अशोक यादव उर्फ
ललुआ ने 14 अप्रैल को दोबारा से फायरिंग कर दी थी। इस वारदात में दोनों
पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई
है।
पंकज का कहना है कि उन्हें हत्या की धमकी दी जा रही है।
गुरुवार को पंकज अधिवक्ताओं के साथ कार्रवाई के लिए एएसपी रामभवन चौरसिया
से मिलने जा पहुंचे। यहां पर एएसपी ने हाथ खड़े कर दिए। इस दौरान सपा नेता
सीओ मोहम्मदाबाद योगेश कुमार के पास आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जा
पहुंचे।
सीओ के पंकज से लाइसेंसी राइफल जमा करने के लिए कहने पर
वकीलाें की उनसे नोकझोंक होने लगी। पंकज ने कहा कि आरोपी हत्या की धमकी दे
रहे हैं, वे राइफल जमा कर देंगे तो खतरा और बढ़ जाएगा। बाद में पंकज ने
एसपी निवास पर जाकर उनसे भेंट कर कार्रवाई की मांग की।