गन्ना महकमे का ताला चौथे दिन मंगलवार को खुल सका। जिला गन्ना अधिकारी
कार्यालय में बैठे। उनसे महिला लिपिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की खूब
तकरार हुई। चपरासी के अभद्रता करने तथा चतुक्ष श्रेणी कर्मचारी की शिकायत
के मामले में गन्ना अधिकारी के कार्रवाई के आश्वासन पर मामला ठंडा पड़ा।
गन्ना
महक मे के चपरासी रामनरेश केे शराब पीकर अभद्रता करने के मामले को डीएम
एनकेएस चौहान ने ग्ंाभीरता से लिया था। 15 मई को तत्कालीन अपर उपजिलाधिकारी
एके सिंह की जांच में कार्यालय में शराब के खाली पौव्वे मिले थे। इनकी
रिपोर्ट पर डीएम ने कार्यालय में ताले डलवा दिए थे। रामनरेश को अपर एसडीएम
कार्यालय से संबद्ध कर जांच जिला गन्ना अधिकारी वीके अरविंद को दे दी थी।
मंगलवार
को डीएम के आदेश पर नाजिर ने कार्यालय के ताले खोल दिए। गन्ना अधिकारी के
कार्यालय में बैठने के बाद लिपिक प्रीती गंगवार ने कार्यालय कर्मचारियों के
शराब पीने व आफिस कंप्यूटर पर अश्लील फिल्में देखने की शिकायतों के बाद भी
उन पर कार्रवाई न करने को लेकर रोष जताया। गन्ना अधिकारी वीके अरविंद ने
आरोपों को फर्जी बताया तो प्रीती बिफर गईं। इस बीच पहुंचीं चतुर्थ श्रेणी
कर्मचारी ओमवती ने सेवा पुस्तिका गायब करने का आरोप लगाया। इन्होंने बताया
कि चार साल पहले
सेवा पुस्तिका गायब कर दी गई। इसे अब तक नहीं बनाया गया।
जिला गन्ना अधिकारी वेतन नहीं दे रहे हैं। इससे गृहस्थी चलना मुश्किल हो
गया है। इन आरोपों पर जिला गन्ना अधिकारी उखड़ गए। इनकी इन कर्मचारियों
से तकरार होने लगी। इस
पर प्रीती व ओमवती की आंखें भर आईं। बाद में जिला
गन्ना अधिकारी ने बताया कि कुछ समस्याओं के चलते वेतन नहीं निकल पाया। दो
दिन में वेतन दे दिया जाएगा। ओमवती की सेवा पुस्तिका एक सप्ताह में तैयार
हो जाएगी। जांच के संबंध में उन्होंने कहा कि वह नियुक्ति अधिकारी हैं।
जांच बदलवने के लिए वह डीएम से बात करेंगेे।