पहली तारीख को पेंशन और सरकारी नौकरीपेशा वाले कर्मचारियों की तनख्वाह खाते में भेज दी जाती है लेकिन नोटबंदी के चलते इन लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गुरुवार को महीने की 1 तारीख होने के चलते पेंशनर्स अपनी पेंशन और सरकारी कर्मचारी तनख्वाह निकालने के लिए बैंकों की लाइन में लग गए।
घंटों लाइन में लगने के बाद उनको खाते से पेंशन और तनख्वाह के नाम पर सिर्फ 5000-5000 रुपये ही दिए गए। आजाद नगर निवासी रिटायर्ड शिक्षिका सरला मिश्रा ने बताया कि उनका परिवार काफी भरापूरा है। 5000 रुपये ही पेंशन मिली है। इन रुपयों से गृहस्थी चलाने में दिक्कत आएगी।
वहीं मोहल्ला गढ़ी कोहना निवासी नगर पालिका कर्मचारी अंबर चतुर्वेदी कहते हैं कि वेतन में से मात्र 5000 रुपये मिलने से घर खर्च में परेशानी उठानी पड़ेगी। विजया बैंक के शाखा प्रबंधक जयवर्द्घन ने बताया कि पेंशनभोगियों और सरकारी कर्मचारियों को पांच-पांच हजार रुपये दिए जा रहे हैं। एक हफ्ते में 24000 हजार रुपये निकाले जा सकते हैं।
पेंशनभोगियों और सरकारी कर्मचारी जरूरत पड़ने पर एक-दो दिन बाद रुपये फिर निकाल सकते हैं। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिनों में बैंकों में पर्याप्त मात्रा में करेंसी भी पहुंच जाएगी। फिर सभी दिक्कतें खत्म हो जाएंगी।