जिले के नोडल अधिकारी फैजल आफताब ने शनिवार को विकास खंड की 6 ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया। निनौरा श्रंखलापुर में 1 मई के बाद 56 प्रवासी गांव लौटे, लेकिन 16 लोगों के ही मनरेगा जॉबकार्ड बने मिले।
इस पर नाराजगी जताई। ईशापुर में मनरेगा का काम चालू नहीं मिला। यहां गुजरात से आए दो परिवारों के बिना राशन कार्ड कके ही उन्होंने व बीडीओ ने राशन सामग्री दी।
नोडल अधिकारी ने बीडीओ राजेश बघेल के साथ छह ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर कोरोना को लेकर गठित निगरानी समिति की सक्रियता का जायजा लिया।
निनौरा श्रंखलापुर में कम जॉबकार्ड बने होने का मामला सामने आने पर उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में लौटे प्रवासियों के जॉबकार्ड बनवाकर काम देने के निर्देश दिए। ईशापुर में प्रधान के परिवार के आमिर खां ने कहा कि तालाब के कार्य के लिए मस्टर रोल लगा है।
अब ईद के बाद काम शुरू होगा। निगरानी समिति के कुछ सदस्य नदारद मिले। रजीपुर, चंदनपुर, नगरिया गहलवारान(उगरापुर) व रामपुर माझगांव का भी निरीक्षण किया।
चंदनपुर ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय सबलपुर में नोडल अधिकारी सबसे पहले पहुंचे। स्कूल की चाभी न होने से वह खड़े रहे। प्रधान अनिरुद्ध प्रताप गोल्डी ने पंचायत मित्र को भेजकर रसोइया के घर से चाभी मंगवाई।
फिर निगरानी समिति सदस्यों को निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारी ब्लाक पहुंचे तो बीडीओ कक्ष का एसी चलवाने को कहा। कोशिश की गई, पर वह चला नहीं। बाबू के कक्ष का एसी चलता रहा।
रामपुर माझगांव में मनरेगा कार्य के लिए 40 श्रमिकों की ही डिमांड दी गई है जबकि गांव में 758 सक्रिय जॉबकार्ड धारक पंजीकृत हैं। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी कुलदीप यादव को निर्देश दिए गए कि जो काम नहीं करना चाहते, उनके जॉबकार्ड निरस्त किए जाएं।