कारगिल युद्ध के 16 वर्ष पूरे होने पर शहर के विभिन्न संगठनों ने शहीद
स्मारक पर पुष्पचक्र चढ़ाए। मोमबत्ती जलाकर शहीदों की याद में मौन रखा।
पूर्व सैनिक सेवा परिषद की ओर से रविवार को सोल्जर बोर्ड कार्यालय स्थित
शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी गई। कैप्टन डीएस राठौर ने
कहा कि देश में अगर अमन शांति कायम है तो सिर्फ इसलिए
कि सैनिक रात दिन
जागकर वतन की सरहदों की हिफाजत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंद रुपयों के
लिए वतन से गद्दारी करने वालों को चिन्हित कर सजा देनी चाहिए। सीपी सिंह
परिहार ने कहा कि दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देना हमारी फौज को बखूबी आता है।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि हमने युद्ध में पाकिस्तान की इतनी बड़ी
सेना को घुटने
टेकने पर मजबूर कर दिया था। रामकरन सिंह, सुरेंद्र सिंह,
राजकुमार वर्मा, ओमप्रकाश कटियार, आरडी कनौजिया, काशी प्रसाद पाल, फूल
सिंह, अमर सिंह, एनपी सिंह, लज्जाराम यादव, एके द्विवेदी, हरिपाल सिंह, मेघ
सिंह, उदयराज सिंह, सीपी पाठक, बृजेश परिहार, योगेंद्र शुक्ला, रनजीत सिंह
आदि ने शहीद स्मारक पर कैंडल जलाकर शहीदों को नमन किया।
उधर, तुलसी
साहित्य अकादमी की ओर से शहीद स्मारक पर रोशनी कर श्रद्धांजलि दी गई।
अकादमी के सचिव चंद्रप्रकाश मिश्रा ने कहा कि कारगिल में हुए युद्ध में देश
के 527 सपूतों ने बलिदान दिया। कहा कि बलिदान देने में जनपद के लाल भी
पीछे नहीं रहे। इस युद्ध में 1363 सैनिक घायल हुए थे। पूर्व सैनिकों ने
शहीदों के सम्मान में सदैव तत्परता से कार्य
करने का आह्वान किया। भाजपा
सैनिक प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक एचएस गिरी ने कहा कि शहीदों के बलिदान
पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। इस मौके पर लाट बहादुर सिंह, उदयपाल सिंह,
केपी सिंह, बलवीर सिंह, सतीश चंद्र मिश्रा, अभय तिवारी, राम नरायन
द्विवेदी, रघुनंदन प्रसाद दीक्षित, रामनरेश दीक्षित, हरपाल सिंह चौहान आदि
मौजूद रहे।
वहीं विकास भवन तिराहा स्थित शहीद कौशलेंद्र सिंह की
प्रतिमा पर विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियेां ने माल्यार्पण कर शीश
झुकाया। नगर मंत्री रजत कटियार ने कहा कि वतन पर प्राण न्यौछावर कर हमें
अपने घरों में महफूज रखने वाले शहीद हमारे देश की शान हैं। इस मौके पर
अर्पित सक्सेना, शरद शुक्ला, अभय प्रताप, रुद्रप्रताप, रिशू दीक्षित,
गोविंद शुक्ला,
राहुल शुक्ला, सूर्या राठौर, तरित श्रीवास्तव, पवन तिवारी,
रानू दीक्षित, नंदन, मनीष, आकाश, विवेक आदि मौजूद रहे।
कायमगंज
प्रतिनिधि केे अनुसार कारगिल विजय दिवस पर विश्व बंधु परिषद ने गोष्ठी का
आयोजन किया। यहां अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। रोज-रोज समझौता वार्ता
के नाम पर पाकिस्तान के हाथों ठगे जाने वाले नेताओं को कोसा
गया। गोष्ठी
में प्रोफेसर रामबाबू मिश्र ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के
अद्भुत शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है। यह देश का दुर्भाग्य है कि जंग
जीतने के बाद शांतिवार्ता की मेजों पर हमारी समझौतावादी सरकारों ने
हमेशा जीती बाजियों को हारा है। वीएस तिवारी ने कहा कि युद्ध में शहीद हुए
वीरों को सम्मान व संरक्षण देना हमारा धर्म
है। आचार्य रामकृष्ण त्रिवेदी
ने कहा कि आज देश को भगवान कृष्ण और महात्मा चाणक्य जैसे रणनीतिकारों की
आवश्यकता है। आवास विकास स्थित संघ कार्यालय में हुए कार्यक्रम को
संबोधित करते हुए संघ विचारक दिवाकरनंद दुबे ने कहा कि वर्ष 1999 में
कारगिल में पाकिस्तान ने जब हमला बोला तो भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़
जवाब दिया। डा.
दुर्विजय सिंह ने कहा कि कारगिल शहीदों का बलिदान भुलाया
नहीं जा सकता है। इस अवसर पर रामगोपाल, हरिश्चंद्र आर्य, मिथलेश गंगवार,
नीरज वर्मा और अतुल कुमार आदि मौजूद रहे। उधर, केशव नगर चौरासी में नगर संघ
चालक वीरेंद्र मिश्र के नेतृत्व में कार्यक्रम हुआ। नगर संघ चालक ने कहा
कि इस अवसर पर रामऔतार पाठक, राजेंद्र कुमार त्रिपाठी और सुभाष कुमार आदि
मौजूद रहे।