नवाबगंज। पुलिस अधीक्षक के आश्वासन पर शनिवार भाकियू का नवाबगंज थाने के घेराव का कार्यक्रम टल गया। एसपी ने पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की और दर्ज मुकदमे की जांच कराकर न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
वहीं भाकियू के दूसरे गुट ने विपक्षी के समर्थन में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। नवाबगंज थाना का घेराव की सूचना पर सुबह से ही थाने में पुलिस बल पहुंचने लगा। दूसरी भाकियू कार्यकर्ता हाथों में लाठी-डंडों के साथ नवाबगंज चौराहे पर एकत्र हो रहे थे।
दोपहर दो बजे जिलाध्यक्ष अजय कटियार मोहम्मदाबाद रोड पर एकत्र कार्यकर्ताओं को संबोधित किया कि उनकी एसपी आरती सिंह से वार्ता हुई है। एसपी ने भरोसा दिया कि जो मुकदमे दर्ज किए गए हैं उसकी मोहम्मदाबाद सीओ से जांच कराई जा रही है।
सावित्री देवी के खेत पर किसी किसी कब्जेदार को पुलिस का संरक्षण नहीं मिलेगा। थानाध्यक्ष ने किस आधार पर दूसरे पक्ष के लोगों को कब्जा दिलाया है, इसकी भी जांच होगी। किसान नेता के खिलाफ एससीएसटी का मुकदमे जांच गलत पाए जाने पर उनका नाम निकाल दिया जाएगा। कस्बा इंचार्ज की भूमिका की जांच कराने के भी एसपी ने निर्देश दिए हैं।
इससे थाने का घेराव स्थगित कर दिया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शाक्य, लक्ष्मी शंकर जोशी, सुग्रीव सिंह पाल, बबलू खटिक, छवि नाथ सिंह, अफरोज मंसूरी, सुबोध यादव आदि मौजूद रहे।
दूसरी ओर भाकियू स्वराज गुट के जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने दूसरे पक्ष का समर्थन करते हुए थानाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने एससीएसटी का मुकदमा सही बताते हुए दलित की जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने का आरोप लगाया। इसको लेकर दोनों गुट आमने-सामने हो गए। स्वराज गुट के जिलाध्यक्ष ने आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग की।