चार माह बाद दिखे अधिकारी तो जागी उम्मीदें
फर्रुखाबाद। करीब चार माह बाद अधिकारियों को सामने पाकर फरियादियों की उम्मीदें जग गईं। मौका था संपूर्ण समाधान दिवस का। शनिवार को जिलेभर की तहसीलों में हुए समाधान दिवस पर कुल 134 शिकायतें पहुंची। इनमें 21 का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
खास दिवस पर पहुंचे फरियादियों में ज्यादातर ने पुलिस व पालिका प्रशासन पर लापरवाही व जन समस्याओं की सुनवाई न करने का आरोप लगाया। डीएम ने लंबित शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए शासनादेश के अनुसार अब शिकायतों का निस्तारण सात दिन में होना है। इसमें गुणवत्ता का विशेष ध्यान दिया जाए।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जनता की शिकायतें सुन रहे थे। डीएम से जहानगंज के गांव नगला जैतपुर के विमलेश ने फरियाद की। कहा कि गांव में रास्ते पर कुछ दबंगों ने कब्जा कर लिया है।
इसकी एसडीएम से शिकायत की, लेकिन थानाध्यक्ष दबाव में काम कर रहे हैं। अभी तक इसका निस्तारण नहीं किया गया। डीएम ने पुलिस को मामले का समयसीमा में निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
शहर के खटकपुरा सिद्दीकी की जैबुन्निशा ने शिकायत की कि एक जमीन की वसीयत उनके नाम है। उसके दाखिल खारिज के लिए नगर पालिका को कई बार लिखकर दिया गया, मगर अभी तक नहीं किया गया। उन्हें गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने शीघ्र ही दाखिल खारिज करके दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
डीएम ने ईओ नगर पालिका को तलब किया तो वह नहीं पहुंचे। उन्होंने एसडीएम सदर को निस्तारण के निर्देश दिए। यहां कुल 65 शिकायतों में से 12 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस मौके पर एएसपी अजय कुमार, सीएमओ सतीश चंद्रा, एसडीएम अनिल कुमार, तहसीलदार, सीओ सिटी आदि मौजूद रहे।
ट्रैक्टर से पलट दी खेत में खड़ी फसल
शहर से सटे गांव माधौपुर निवासी रमेश कुमार ने डीएम से गुहार लगाई। कहा कि कटरी भीमपुर में उनका खेत है। उसमें फसल खड़ी थी। माधौपुर निवासी कुछ दबंगों ने शुक्रवार शाम को ट्रैक्टर से फसल पलट दी। उन्होंने जब विरोध किया तो दबंगों ने मारपीट कर भाई सहित जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की फरियाद पर थानाध्यक्ष को तलब कर निस्तारण करने के आदेश दिए।
वक्फ की संपत्ति कब्जा मुक्त कराएं
शहर के मोहल्ला छावनी गादीउद्दीन हैदर निवासी सलमान अली ने डीएम को प्रार्थनापत्र दिया। इसमें कहा कि 31 अगस्त 2017 को शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ नंबर 175 को कब्जा मुक्त करने के आदेश दिए थे। कहा था जिन्होंने नियमविरुद्ध कार्य किया है, उन पर मुकदमा दर्ज कराया जाए। बावजूद इसके जिला अल्पसंख्यक एवं वक्फ प्रभारी छोटेलाल ने अभी तक उस आदेश को संज्ञान में नहीं लिया। उन्होंने कब्जामुक्त कराने की मांग की।
फरियादियों को लाने के लिए लेखपाल मुस्तैद
संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की संख्या कम रही। तहसीलदार ने लेखपालों को बाहर लगा दिया। कहा कि जो भी फरियादी आएं उन्हें तत्काल अंदर भेजें। इस पर लेखपाल फरियादियों को अंदर तक भेजने जाते रहे।
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कोटेदार गईं ससुराल, दुकान चला रहे परिजन
अमृतपुर। विवाह होने के बाद कोटेदार ससुराल चली गईं। अब महिला के परिजन दुकान चला रहे हैं। इसकी शिकायत होने पर सीडीओ एम. अरून्मोली ने जांच के आदेश दिए। समाधान दिवस में 25 शिकायतें आईं। चार का मौके पर निस्तारण हो गया। सीडीओ के सामने भाकियू के हरिओम मिश्रा ने शिकायत की कि गूजरपुर पमारान में कोटेदार मालती देवी की शादी के बाद ससुराल में रहने लगीं। दुकान परिजन चला रहे हैं। यह नियम के खिलाफ है। रतनपुर पमारान की रामगीता ने आवास दिलाने, जूनियर हाई स्कूल की रसोइया बड़ी बिटिया ने मानदेय दिलाने की मांग की। उधरनपुर लीलापुर आदि गांवों से शिकायतें आईं। इस मौके पर एसडीएम नरेंद्र कुमार, सीओ अजय कुमार शर्मा, बीईओ रमेश चंद्र जौहर, बीडीओ गगनदीप सिंह आदि मौजूद रहे।