अमृतपुर तहसील के तहसीलदार, लेखपाल और कानूनगो समेत छह के खिलाफ सीजेएम (चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट) न्यायालय में बुधवार को परिवाद दर्ज कराया गया है। इसमें तीन आरोपियोें पर जमीन हड़पने के लिए हत्या करने और अधिकारियों पर जमीन हड़पने में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में 15 मार्च को परिवादी के बयान दर्ज होंगे।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव कुबेरपुर कुतलूपुर के मेघराज ने गांव के धनपाल, शिव कुमार, इनकी मां रामदेवी, अमृतपुर तहसील के तहसीलदार शेख आलमगीर, लेखपाल आशुतोष पांडेय, कानूनगो शिव मंगल सिंह के खिलाफ सीजेएम न्यायालय में अर्जी दी थी। इसमें कहा गया कि पिता ने गाटा संख्या 1005 व 1006 कुल रकबा 0.59 डिस्मिल अराजी कुबेरपुर कुतलूपुर में खरीदी थी।
इसके अलावा मौजा भवानीपुर में पिता के पास मकान और खेती थी। पिता की मृत्यु होने पर मेघराज नाबालिग था। इस कारण पिता की संपत्ति मां चंद्र देवी उर्फ रामवती के नाम वरासत में दर्ज हो गई। शिवकुमार, रामदेवी और धनपाल सिंह ने पिता की जमीन हड़पने की नियत से मेघराज को फर्जी मुकदमे में फंसाकर हरदोई जेल में बंद करा दिया। उसके जेल में बंद होने के दौरान आरोपियों ने मां चंद्रदेवी उर्फ रामवती की हत्या कर दी। वर्ष 2004 में जेल से छूटकर आने के बाद मेघराज गांव पहुंचा।
गांव वालों से पता चला कि आरोपियों ने मां की हत्या कर जमीन को पहले ताऊ पुत्तू सिंह के नाम कराई। इसके बाद ताऊ से जमीन का बैनामा अपने नाम करा लिया। जमीन पर करीब एक हजार पेड़ खड़े थे, जिनको कटवाकर बेच दिया गया। इसकी जानकारी होने पर तहसील गया और फर्जी तरीके से जमीन का बैनामा होने की शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
वह लगातार तहसील में तहसीलदार, लेखपाल और कानूनगो से शिकायत कर जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग करता रहा। 1 फरवरी 2016 को तहसीलदार के पास शिकायतों के निस्तारण संबंधी जानकारी करने गया तो वहां तहसीलदार के साथ लेखपाल और कानूनगो भी थे।
इन लोगों ने अपमानित कर भगा दिया। पीड़ित ने धनपाल, शिव कुमार, रामदेवी पर मां की हत्या कर धोखाधड़ी कर जमीन का बैनामा कराने तथा अधिकारियों पर आरोपियों के षड़यंत्र में सहयोग करने का आरोप लगाया है। सीजेएम की अदालत ने परिवाद दर्ज कर लिया है।