अपर जिला जज रवेंद्र कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट ने हत्या के मुकदमे के पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और दस-दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव नगला समाधान निवासी अवधेश सिंह के पिता महिपाल सिंह फौर्जी इंट भट्ठा नगला कलार में चौकीदार थे। इसी भट्टे पर गांव के निर्मलचंद्र तैनात थे। महिपाल सिंह की शिकायत पर निर्मलचंद्र को हटा दिया गया था। 26 जनवरी 2000 को भट्टे पर महिपाल सिंह अन्य साथियों के साथ अलाव ताप रहा था। उसी दौरान निर्मलचंद्र अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचे और मारपीट करते हुए महिपाल सिंह को गोली मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के दौरान महिपाल सिंह की मौत हो गई।
महिपाल के पुत्र अवधेश सिंह ने गांव नगला समाधान के निवासी अमर सिंह, प्रमोद कुमार, बबलू, रन्नो, निर्मल सिंह और दीप सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान निर्मलचंद्र की मौत हो गई। अन्य पांच आरोपियों पर मुकदमा चलाया गया। मुकदमे की सुनवाई में बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता निर्मलचंद्र कटियार ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी अमर सिंह, प्रमोद कुमार, बबलू, रन्नो और दीप सिंह को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया।
जान लेवा हमले में तीन को पांच साल की कैद
अपर जिला जज साजिया नजर जैदी की कोर्ट ने जानलेवा हमले के मुकदमे के दो आरोपियों पांच साल की सजा सुनाने के साथ पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए हैं।
थाना व कसबा अमृतपुर निवासी बेचेलाल को जन्म से आंख से नहीं दिखाई देता था। बेचेलाल का गांव बड़ा गांव जलालपुर निवासी राजू उर्फ राजवीर से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 9 अक्तूबर 2010 को रात करीब 12.30 बजे बेचेलाल घर के बाहर सो रहे थे। राजू उर्फ राजवीर व वीरपाल ने बेचेलाल की गर्दन पर धारदार हथियार मार दिया था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल के दामाद दाताराम ने हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।