शमसाबाद ब्लाक क्षेत्र में डेंगू फैला हुआ है। सोमवार को गांव उलियापुर में
एक युवती डेंगू की रोगी पाई गई। प्लेटलेट्स में खासी गिरावट से युवती को
कानपुर रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में डेंगू की
बीमारी फैले होने के बावजूद चिकित्सीय टीम क्षेत्र में नहीं पहुंची है।
उन्होंने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी से मांग की है कि ब्लाक
क्षेत्र में चिकित्सीय टीमें भेजकर डेंगू की जांच करवाई जाए।गांव
उलियापुर निवासी सुरेंद्र सिंह की पुत्री खुशबू (18) को 15 दिन से बुखार आ
रहा था। सुरेंद्र सिंह के मुताबिक वह बेटी का कस्बे में ही इलाज करा रहे
थे। सोमवार को हालत बिगड़ने पर वह उसे जिला मुख्यालय स्थित प्राइवेट
हास्पिटल ले गए। यहां जांच में उसे डेंगू रोग होने की पुष्टि हुई है।
प्लेटलेट्स
काफी कम होने से चिकित्सक ने खुशबू को कानपुर रेफर कर दिया। अब
तक क्षेत्र में डेंगू से एक मरीज की मौत हो चुकी है। खुशबू समेत तीन मरीज
डेंगू के पाए जा चुके हैं। क्षेत्र में चिकित्सकीय टीम ने पहुंचकर अभी तक
जांच शुरू नहीं की है। कस्बे के राम सिंह, सचिन कुमार, बालकराम, अभिषेक
कुमार, राजन शाक्य, प्रदीप गंगवार, मानसिंह, रामकुमार, मुकेश
कुमार और सलीम
आदि का कहना है कि जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी से क्षेत्र में
चिकित्सकीय टीम भेजकर जांच कराए जाने की मांग की थी। अभी तक टीम गांव नहीं
पहुंची है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि क्षेत्र में चिकित्सकीय
टीम भेजकर डेंगू की जांच करवाई जाए।
बुखार से पीड़ित बच्ची ने दम तोड़ा
बुखार से पीड़ित बच्ची को परिजन सीएचसी लेकर आए । यहां डाक्टर ने उसे मृत
घोषित कर दिया। बच्ची के शरीर में प्लेटलेट्स कम होने के कारण उसे डेंगू
होने की आशंका जताई गई है। मोहल्ला बगिया मंगूलाल निवासी रामसेवक की 3
वर्षीय पुत्री संजना को तेज बुखार में परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे। यहां डा.
शिवप्रकाश ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रामसेवक ने बताया कि संजना को 8 दिन
से बुखार आ रहा था। उसका इलाज एक निजी चिकित्सक के यहां कराया। डाक्टर
नेखून की जांच में प्लेटलेट्स की क मी बताई। सोमवार को बेटी के बेहोश हाने
पर डेंगू की आशंका पर वह उसे सीएचसी लेकर आए। यहां डाक्टर ने बच्ची को मृत
घोषित कर दिया लेकिन मौत का कारण नहीं बताया।